छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के बेटे करने जा रहे है “खटिया खड़ी आंदोलन”


छत्तीसगढ़ में भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) प्रबंधन और मजदूरों के बीच चल रहा तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने बालको प्रबंधन के खिलाफ “खटिया खड़ी आंदोलन” का शंखनाद कर दिया है। आरोप है कि मुंबई से संचालित हो रहा प्रबंधन छत्तीसगढ़ी मजदूरों की आवाज दबाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रहा है।
प्रबंधन पर डराने-धमकाने का आरोप
आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच बालको प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई है। आंदोलनकारियों का दावा है कि मजदूरों को निम्नलिखित धमकियां दी जा रही हैं:
अनुशासनात्मक कार्रवाई: आंदोलन में शामिल होने पर सस्पेंशन या टर्मिनेशन का डर।
आर्थिक चोट: वेतन कटौती और भविष्य में मिलने वाले LTS (Long Term Settlement) लाभों से वंचित करना।
आवास और बुनियादी सुविधाएं: कंपनी क्वार्टर से बेदखली और बिजली-पानी काटने की धमकी।
“अकेला भी बैठूंगा, पर झुकूंगा नहीं” – अमित जोगी
सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए हुंकार भरते हुए पूर्व सीएम के पुत्र ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का हवाला देते हुए कहा:
“यह आंदोलन छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के अधिकारों पर हो रहे हमले के खिलाफ है। अगर कल वहां एक भी व्यक्ति नहीं पहुंचा, तो भी मैं अकेला धरने पर बैठूंगा और आखिरी सांस तक प्रबंधन की ईंट से ईंट बजा दूंगा।”
मुंबई से लंदन तक चेतावनी
आंदोलन के नेतृत्वकर्ता ने प्रबंधन को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी मजदूर के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई की गई, तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि कंपनी के मालिकों से लेकर अधिकारियों तक को छत्तीसगढ़ में घुसने नहीं दिया जाएगा और विरोध स्वरूप “मुंह काला करके” वापस भेजने की रणनीति अपनाई जाएगी।








