होटल में गंदगी जिम्मेदार सुस्त


होटल में गंदगी  जिम्मेदार सुस्त
  23/11/2019  


जागेश्वर सिन्हा

बालोद न्यूज़  शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होटल सरकारी नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हैं। आज हर जगह जहां स्वच्छता और साफ-सफाई पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर होटल संचालक स्वच्छता संबंधी सभी नियमों की अनदेखी कर ग्राहकों को भोजन-नाश्ते के साथ गंदगी के रूप में बीमारी परोस रहे हैं। बात चाहे सड़क किनारे ठेलों पर चलने वाले होटल की करें या फिर शहर के नामी होटलों की। प्राय: हर जगह गंदगी के बीच ही खाना बनाने से लेकर परोसने तक की प्रक्रिया पूरी की जाती है। होटलों में बनी पानी टंकी की साफ-सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है। टंकियों में काई की मोटी परत जमी रहती है। कीड़े-मकोडे़ भी अंदर में मरे पड़े होते हैं। होटल संचालक बासी भोजन परोसने से भी गुरेज नहीं करते। सुबह का बना भोजन देर रात तक और रात का बचा भोजन दिन में खिलाना आम बात हो गयी है।

जिले में स्थायी फूड इंस्पेक्टर  है सुस्त 

ऐसे में होटलों पर विभाग कितना नियंत्रण रख सकता है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। फूड इंस्पेक्टर  सुस्त के कारण होटलों की नियमित जांच भी नहीं हो पाती है। चिकित्सकों की मानें तो सभी बीमारियों की जड़ गंदगी ही है। गंदगी से तरह-तरह की बीमारियां होती हैं।
ऐसी खाद्य सामाग्रियों का लैब परीक्षण कराने जिले का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जागरुक नहीं है। लिहाजा जनस्वास्थ्य पर खतरे का अंदेशा बना हुआ है। मक्खियां भिनभिनाती जगहों पर खाद्य सामाग्रियां तैयार की जा रही है, दूसरी ओर गंदगी युक्त जगहों पर चाय, नाश्ते, मसाले तैयार किए जा रहे हैं।
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पुरानी चासनी में जलेबी
जलेबी बनाने के लिए भी सफाई में लापरवाही देखी गई। हाथ से तैयार किए गए पेस्ट को पुराने और गंदे कपड़ों में डाला गया। इसे काला गर्म तेल में डालकर तला गया और फिर पुरानी चासनी (सीरा) में जलेबी डाल दी गई। वहीं  हर दिन होटल में  खपत के मुताबिक दूध और दही पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहा है। लिहाजा दही में सस्ते किस्म के पावडर का उपयोग किया जा रहा है। और ग्राहक के जान से खिड़वाल कर रहा है।
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फर्श पर बेल रहे समोसा 
हॉटल के नाश्ता तैयार करने की रसोई में अव्यवस्था देखी गई। समोसा बेलनें के लिए फर्श का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी फर्श से होकर अन्य कर्मचारी आना-जाना कर रहे थे। इसके बाद सुबह से बना हुआ आलू का मसाला समोसे में डाला गया। मसाले पर मक्खियां बार-बार बैठ रही थी। मसाला ढक कर नहीं रखा जा रहा है। कई हॉटलों में समोसा आलू भरने के बाद इसे ट्रे में खुला रखा जा रहा है। हॉटलों, ठेले-खोमचों में लोगों को नाश्ता रखकर परोसने की प्लेटें भी स्वास्थ्य की दृष्टि से सुरक्षित नहीं है।

इस तरह से सुरक्षित रखे जा सकते है खाद्य सामग्री 

दुकानदारों को चाहिए कि अपने आसपास की गंदगी को साफ रखे। दुकान की नियमित सफाई करे व दुकान में प्रयोग होने वाले सभी सामानों को साफ सुथरा रखे। खाने-पीने के सामान को स्वच्छ कपड़े से ढंककर रखे या जालीदार कपड़े से ढंके ताकि मक्खी व मच्छर खाद्य सामग्री पर न बैठ सके। इस तरह से सावधानी बरतकर मक्खी के बैठने से दूषित होने वाली सामग्री को बचाया जा सकता है। साथ ही इससे होने वाले गंभीर बीमारी पीलिया, डायरिया, उल्टी, दस्त से लोगों को बचाया जा सकता है।


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