“मोला कोरोना हे सरकार, मोर जांच त करवा दव” - रायपुर के युवती के गोहार AIMS अऊ मेकाहारा म जांच बर भटकत हे युवती


“मोला कोरोना हे सरकार, मोर जांच त करवा दव” - रायपुर के युवती के गोहार AIMS अऊ मेकाहारा म जांच बर भटकत हे युवती
  14/03/2020  


रायपुर। कोरोना ल लेके सरकार एक कति जम्मों देशभर म जागरुकता अऊ बचाव के उपाय ल लेके कई प्रकार के मुहिम चलात हे वही दुसर कति बचाव के लिए उपचार त दूर, जांच तक बर लोगन मन ल भटके ल पड़त हे, ताजा उदाहरण रायपुर AIMS म देखे ले मिलिस , रायपुर के एक युवती चीख-चीखकर कहत हे कि मोर उपर कोरोना जईसे लक्षण दिखत हे मोर जांच करे जाए, लेकिन राजधानी के दू बड़े अस्पताल के चक्कर लगाए के बाद भी ओकर जांच ख़बर लिखे तक नई हो पाए हे । ताजा मामला छत्तीसगढ़ सरकार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा (अंबेडकर हॉस्पिटल) अऊ AIMS हास्पिटल के हे । आज बिहनिया लगभग पौने 10 बजे 27 बछर के एक मरीज जांच के गुहार ल लेके मेकाहारा अस्पताल पहुंचे रहिस।

जांच बर भटकत रहिस ऐती ओती
पीड़िता के अनुसार वो ह सबसे पहली अंबेडकर अस्पताल के हेल्प डेस्क म जाके संपर्क करिस उंहा पीड़िता ह बताईस कि ओकर लक्षण कोरोना के बताए गए लक्षण से बिल्कुल मिलत-जुलत हे , अस्पताल ओकर जांच करय,  हेल्पडेस्क ह ओला अंबेडकर अस्पताल के कक्ष क्रमांक 112 के रास्ता दिखा दिहिस ।
पीड़िता कक्ष क्रमांक 112 पहुंचींस, जिहां पहली ले बड़ संख्या म मरीज जांच अऊ उपचार बर खड़े रहिन । भीड़ ल देखत उंहा के कर्मचारी पीड़िता ल ए कह के कमरा नं  205 के रास्ता दिखा दिन कि इंहा भीड़ बहुत हे पर पीड़िता जब अपन लक्षण बताईस अऊ पर्ची घलोक दिखाईस तभो ले न ओकर जांच मेकाहारा के 102 कक्ष म होईस न ही 205 कक्ष म।

डाक्टर के गैरजिम्मेदाराना जवाब
पीड़िता के मुताबिक डॉक्टर ह गैरजिम्मेदाराना जवाब  देत हुए कहिस कि वहां मौजूद मेडिकल स्टाफ अऊ कक्ष क्रं 205 म केवल ओही मरीज मन के जांच होही जेन विदेश ले आए होही , उहां से पीड़िता ल वापिस कक्ष क्रमांक 112 भेज देहे गईस । पीड़िता के आरोप हे कि डॉ. आरके पांडा ह इंहा तक कहिस कि यहां  एक-एक आदमी के जांच थोड़ी करत रहिबो, इंहा इतनी भीड़ लगे हे ।

एम्स म भी लगीस निराशा हाथ
 मेकाहारा  ले गुहार लगा के थक चुके पीड़िता एम्स रायपुर पहुंचीस। गेट नंबर 1 के रिसेप्शन से पीड़िता ल गेट नंबर 2 म भेज देहे गईस । गेट नंबर 2 म संपर्क करे के बाद ओला बाजू के बिल्डिंग म तीसरे फ्लोर पर सी-1 वार्ड म भेजे गईस,  पीड़िता जब उस वार्ड तक पहुंचींस, त वहां जांच के कोई व्यवस्था नहीं रहिस, बल्कि आइसोलेशन वार्ड बनाए के तैयारी चलत रहिस । हाउसकीपिंग के स्टाफ उहां बिस्तर अऊ साफ-सफाई  झाड़ू-पोंछा म लगे रहिन । अंतत: पीड़िता, जेन चीख चीखकर कहत हे कि मोला कोरोना वायरस वाले लक्षण नजर आत हे मोर जांच करे जाए, बजाए जांच करे के राज्य के दू अस्पताल ओलो एति तेती घुमात हे, पीड़िता के दर्द ले सरकार के स्वास्थ्य विभाग के कोरोना ल लेके कथनी अऊ करनी म फरक साफ देखे जा सकत हे ।


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