हरा-भरा धरती म इठलावत हे काशी के फूल, बारिश के विदा होय के देवत हे संकेत


हरा-भरा धरती म इठलावत हे काशी के फूल, बारिश के विदा होय के देवत हे संकेत
  08/09/2020  


केशव पाल तिल्दा-नेवरा। खुला आकाश अउ हरा-भरा वादी के बीच जब काशी के फूल खिले ल लगथे। तब तो प्रकृति के खूबसूरती अउ बढ़ जथे। ये फूल धान के खेत म अइसे उगथे जैसे मानो धरती माता ल प्रकृति ह सफेद फूल ले सजा देहे। जब काशी के फूल खिलथे त खेत मन मानो अइसे लगथे जैसे प्रकृति ह सफेद चादर ओढ़ लेहे। काशी फूल सफेद रंग के होथे। काशी घास के ही एक प्रजाति आय। जेन ह धान के खेत मन म उगथे। येकर अलावा येहा नदी कछार मन म घलो उगथे। ये सफेद काशी फूल के माध्यम ले प्रकृति के वंदना करे जाथे। कि आपो मन अब अपन आसमान के रंग इही काशी के फूल के तरह सफेद कर लव।काशी फूल के खिलना मतलब येहा बरसात के मौसम के समाप्ति के सूचना आय। यानि अब खेती खतम होगे। अब पूजा के तैयारी करव। अइसन हमर मन के पुरखा मन मानथे। अइसन कहे जाथे कि काशी के फूल भादो महिना के अंत म खिलथे। काशी के फूल वर्षा आधारित खेती के समाप्ति के सूचना पुराना समय ले ही ग्रामीण क्षेत्र म देवत आवत हे। काशी के फूल खिले के एक अउ संकेत मां दुर्गा के आगमन यानी दुर्गा पूजा आय के संकेत घलो माने जाथे। ये दिनों क्षेत्र के विभिन्न खेत-खलिहान,नदी,नाला अउ वोकर आसपास हरा-भरा धरती म सफेदी लिए खिले काशी के फूल अपन खूबसूरती म खूब इतरावत हे। हरा-हरा जंगल के आघू के हरा-भरा जमीन म काशी के फूल खिलखिलावत हुये ठंडा हवा के संग मस्ती करत दिखाई देवत हे।

■ काशी फूल के हवय औषधीय महत्व

काशी के आयुर्वेदिक महत्व घलो हवय। आयुर्वेद के जानकार मन के मुताबिक काशी के फूल के औषधीय महत्व बहुत उपयोगी हे। येकर फूल के रूई ले बने तकिया के प्रयोग करे ले सिर दर्द के निवारण होथे। येकर जड़ ल पीसके सेवन करे ले पथरी नष्ट हो जथे।अउ गर्मी म सुखद अउ ठंड के एहसास होथे।

■ बारिश के विदा होय के देथे संकेत

काशी के जिक्र लोक कथा अउ परंपरा मन म घलो मिलथे। भक्त शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी ह घलो रामचरितमानस म ऋतु वर्णन के क्रम म काशी के फूल के चर्चा करे हे।

"फूले कास सकल महि छाई।
जनु बरसा कृत प्रकट बुढ़ाई।।"

येकर मतलब हे कि यदि काशी के फूल खिले ल धर लेहे त समझ लेना चाही कि बारिश के बुढ़ापा आ गेहे। यानि कि मानसून विदा होने वाला हे। अउ शरद ऋतु आने वाला हे। येकर जिक्र ग्रंथ मन म घलो मिलथे।


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