डॉ अमिता के किताब "जन आंदोलन : कल और आज" के होइस ऑनलाइन विमोचन


डॉ अमिता के किताब
  20/09/2020  


news36, बिलासपुर। कोविड 19 के बाढ़त संक्रमण के चलते ऑनलाइन आयोजन के चलन बढ़ गय हे, लोगन हर प्रकार के कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम ले घर बईठे सम्पन्न करत हे जेकर ले  कोविड 19 के नियम के  अनुपालन भी होवत हे अऊ लोगन आसानी से कार्यक्रम मन म शिरकत भी कर पावत हे, एहि कड़ी म आज डॉ अमिता के किताब *"जन आंदोलन: कल और आज"* के विमोचन कार्यक्रम ऑनलाइन माध्यम ले कर गइस, किताब के लेखिका डॉ अमिता, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के पत्रकारिता विभाग म सहायक प्राध्यापक के पद म कार्यरत हे, डॉ अमिता अपन लेख के माध्यम ले वर्तमान परिदृश्य ल प्रभावपूर्ण तरीका ले उजागर करे बर जाने जाथे, डॉ अमिता नियमित रूप ले स्तंभ, लेख आदि के माध्यम ले अनेक पटल म सक्रिय रहिथे अऊ अनेक युवा, पत्रकार, लेखक मन के प्रेरणास्रोत हे, लेखिका ह किताब के माध्यम ले समय समय पर होए जन आंदोलन अऊ ओकर प्रासंगिकता के संगे संग ओकर आवश्यकता ल घलु बखूबी बताय हे, किताब म आपमन ल 1857 ले अब तक के प्रमुख  जन  आंदोलन अऊ आज जन आंदोलन के आवश्यकता काबर हे तेकर उत्तर बखूबी मिलही, ये किताब notnul के वेबसाइट म ऑनलाइन उपलब्ध हो गय हे जेल है आप बहुत कम कीमत म ले सकत हव, जन आंदोलन के बारे म अच्छा से जानने अऊ समझे बर ये उत्तम किताब हे।
आज के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम म पुस्तक विमोचन के साथ साथ जन आंदोलन उपर परिचर्चा भी आयोजन होइस जेकर मुख्य वक्ता श्री अरुण कुमार त्रिपाठी अऊ डॉ कृपाशंकर चौबे रहिन, कार्यक्रम के संचालन पुस्तक के प्रकाशक नीलाभ श्रीवास्तव करीस। दुनों वक्ता मन अपन वक्तव्य म किताब के महत्वपूर्ण पक्ष उपर प्रकाश डारिन अऊ आंदोलन हमर समाज बर काबर जरूरी हे ये बताइन।
अरुण कुमार त्रिपाठी जी वरिष्ठ पत्रकार ए अऊ जन आंदोलन ले निकले हुए व्यक्ति ए साथ ही अपन लेखन ले निरंतर समाज के तमाम पक्ष ल उजागर करत हे एक अच्छा शिक्षक के रूप म ख्याति लब्ध हे साथ ही इनकर कई किताब प्रकाशित हो चुके हे, प्रोफेसर डॉ कृपाशंकर चौबे जी वर्तमान म महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय म प्रोफेसर के रूप म कार्यरत हे एकर अलावा साहित्यकार पत्रकार के तौर म भी प्रसिद्ध हे अऊ सरल व्यक्तित्व के धनी प्रोफेसर कृपाशंकर चौबे के भी कई किताब प्रकाशित हो चुके हे अऊ ओहर देश के जाने-माने हस्ती म शुमार हे, नीलाभ श्रीवास्तव जी notnul बुक के प्रकाशक अऊ संस्थापक हे तथा ओहर एक अइसन मंच लेखक मन बर तियार करे हे जेन वैश्विक परिदृश्य म सरल सहज अऊ आसान हे ओहर किताब मन ल डिजिटल मंच प्रदान करे हे जेन ल लगभग 17 देश म पढ़े जाथे, देश विदेश के महत्वपूर्ण पत्रकार साहित्यकार लेखक मन के किताब notnul म उपलब्ध हे जिहां ले आप ये किताब के ईबुक ले सकत हव। पुस्तक विमोचन अऊ परिचर्चा कार्यक्रम म देश भर ले युवा, पत्रकार, लेखक, प्रोफेसर अऊ शोधार्थी मन बढ़ चढ़ के हिस्सा लिहिन।


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