रायपुर : शिक्षक भर्ती म फेर होही सत्यापन, आदेश से अभ्यार्थी हलाकान, पहली भी हो चूके हे सत्यापन, भर्ती ले लेके अब तक कई विवाद आ चूके हे आघू


रायपुर : शिक्षक भर्ती म फेर होही सत्यापन, आदेश से अभ्यार्थी हलाकान, पहली भी हो चूके हे सत्यापन, भर्ती ले लेके अब तक कई विवाद आ चूके हे आघू
  25/09/2020  


रायपुर : शिक्षक भर्ती के मामला म स्कूल शिक्षा विभाग ह एक बार फिर अभ्यर्थी मन के दस्तावेज के सत्यापन कराने के आदेश जारी करे हे । विभाग लाखों रुपिया खर्च कर पहली भी सत्यापन करा चुके हे । ए दौरान भर्ती के नियम ल लेके विवाद घलोक आघू आए रहिकस। फेर सरकार ने कोरोना के चलत भर्ती म रोक लगा देहे रहिस। अभ्यर्थी के चयन सूची तैयार हो चुके हे। अफसर मन के कहना हे कि दोबारा कागजात जांच कराए म अभ्यर्थी मन ल कोई आपत्ति नई होना चाही। दूसर कति अभ्यर्थी मन के कहना है कि फेर वही प्रक्रिया होने से भर्ती म देरी होही। एक कति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षक के भर्ती जल्द से जल्द कराए के निर्देश देवत हावय अऊ अफसर डाहर ले अईसे आदेश निकाले म मामला उलझते नजर आत हे।

बता दिन कि स्कूल शिक्षा विभाग विभिन्ना संवर्ग म 14 हजार 580 पद मर शिक्षक के भर्ती करईया हे। एकर बर मार्च 2019 म विज्ञापन निकाले गए रहिस। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ह मई म परीक्षा लिहिस। जेकर परिणाम 30 सितंबर से लेकर 22 नवंबर 2019 तक जारी करिस । फेर विभाग ह व्यापमं के मेरिट सूची के आधार म अभ्यर्थी के दस्तावेज के सत्यापन करे गए रहिस । एकर बाद चयन सूची के आधार म नियुक्ति होना रहिस। कोरोना के कारण भर्ती प्रक्रिया रोकने म अभ्यर्थी मन सरकार के खिलाफ आंदोलन घलोक करिन । अब विभाग ह भर्ती ल लेके नवा सिरे से दिशा-निर्देश जारी करे हे । नियुक्ति बर आठ बिंदु तय करे गए हे । नियुक्ति पहली तीन साल के परिवीक्षा अवधि बर होही । नियुक्ति आदेश अलग-अलग जारी होंही अऊ वरिष्ठता के निर्धारण व्यापमं के मेरिट सूची के आधार म होही।

अब दोबारा ए प्रक्रिया से फेर गुजरही अभ्यर्थी

आदेश के अनुसार एक बार फिर अभ्यर्थी मन ल कार्यालय बुलाके दस्तावेज मन के सत्यापन करे जाही। मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, नियुक्तिकर्ता अधिकारी कार्यालय से दस्तावेज सत्यापन, सत्यापन बर लिखित सूचना देना, पुलिस जांच आदि प्रक्रिया से फेर गुजरना होही। 2014 से पहली टीईटी करईया हो जाही अपात्र  राज्य म शिक्षक के भर्ती बर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना जरूरी हे। सात साल बाद टीईटी के वैधता समाप्त हो जाथे। अईसे म साल 2014 के पहली टीईटी म सफल अभ्यर्थी अपात्र हो जाही।

कई विवाद पहले से लंबित

बता दिन कि छत्तीसगढ़ म शिक्षक भर्ती ल लेके कई विवाद आघू आ चूके हे । पहला विवाद इंजीनियरिंग के अभ्यर्थी ल लेके रहिस । दरअसल, व्यापमं ह जब आवेदन मंगाए रहिस तब इंजीनियरिंग के छात्र मन ल घलोक स्वीकार करे गए रहिस, बाद म ए कही के  बाहर कर देहे गईस कि इंजीनियरिंग के विषय ल गणित के रूप म स्कूल म शामिल नई करे जा सकय । तब अभ्यर्थी म हाई कोर्ट के दरवाजा खटखटाए रहिन । मामला अभी भी लंबित हे। अही प्रकार से व्यायाम शिक्षक बर 12वीं पास जरूरी होना बताए रहिस । एला लेके भी विवाद के स्थिति बने हुए हे। दरअसल, पहली के व्यायाम शिक्षक ह स्नातक स्तर के हे।

ए संबध म स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के कहना हे कि

 

जिला मन सहायक शिक्षक के लिए नियुक्तिकर्ता जिला शिक्षा अधिकारी हे, संभाग म संयुक्त संचालक हे। उ मन ल दुबारा अभ्यर्थी के कागजात देखे के जरुरुत महसुस होअत हे त एम गलत का हे ? मोला लागथे कि जेकर कना प्रमाणपत्र हे, ओला दिखाए म कोनो दिक्कत नई होना चाही। सत्यापन होए हे कि नई , एकर जानकारी मोर कना नई हे ।


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