बिलासपुर : अब डाटा चोरी हैंकिंग, ओटीपी ले ठगी अब नई होही आसान, बिलासपुर के प्प्रोफेसर डॉ.तरुणधर दीवान ह इजाद करिस मल्टी फैक्टर अथेंटिफिकेशन सिस्टम


बिलासपुर  : अब डाटा चोरी हैंकिंग, ओटीपी ले ठगी अब नई होही आसान, बिलासपुर के प्प्रोफेसर डॉ.तरुणधर दीवान ह इजाद करिस मल्टी फैक्टर अथेंटिफिकेशन सिस्टम
  26/09/2020  


बिलासपुर। ऑनलाइन ठगी, हैकिंग अऊ डाटा चोरी जईस बाढ़त घटना सब बर चिंता के विषय हे सरकार एला लेके बहुत गंभीर घलोक हे अब हैंकिग अऊ डाटा चोरी से बचे बर बिलासपुर के शासकीय ई.राघवेंद्र राव स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय म इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी (आइटी) विभाग के प्रोफेसर डॉ.तरुणधर दीवान ह मल्टी फैक्टर अथेंटिफिकेशन सिस्टम (बहु कारक प्रमाणीकरण प्रणाली) तईयार करे हे । ओकर दावा हे कि तकनीक के जरिए ठग ओटीपी नई खोल पाही । इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फ्यूचर जनरेशन कम्युनिकेशन एंड नेटवर्किंग (वेब आफ साइंस) म ओकर ए शोध पत्र प्रकाशित घलोक हो चुके हे ।

डॉ.दीवान के मुताबिक अभी सिंगल फेस अथेंटिफिकेशन सिस्टम के तहत सिर्फ पासवर्ड के उपयोग होथे, जेमा पिन चोरी या ठगे जाने के खतरा अधिक होथे। टू फैक्टर के अंतर्गत बैंक, जीमेल या इंटरनेट होथे । अही प्रकार से थ्री फेस अथेंटिफिकेशन सिस्टम म पासवर्ड, ओटीपी अऊ बायोमैट्रिक्स फीचर्स या ग्राफिक्स होथे । एकर बावजूद साइबर अपराध के घटना दिनो दिन बाढ़त जात हे ।

सुरक्षा प्रणाली स मजबूत करे अऊ डेटाबेस, दस्तावेज, पैसे के लेनदेन स अधिक सुरक्षित बनाए बर मल्टी फैक्टर अथेंटिफिकेशन सिस्टम उपर शोध करे गईस जेमा पासवर्ड अऊ बायोमेट्रिक फीचर्स, डिजिटल सिगनेचर, न्यूमैरिक पिन, इंक्रिप्टेड ओटीपी के जरिए मजबूत सुरक्षा प्रणाली तईयार करे म सफलता मिलिस । ए डिवाइस, सेंसर, मशीन लर्निंग टूल्स, कैप्चा अथेंटिफिकेशन सिस्टम के अंतर्गत आथे।

शोध म बताया गए हे कि ए सिस्टम के अंतर्गत व्यक्ति के चेहरा, आंख, उंगली, आवाज ल भी पासवर्ड के रूप म शामिल करे जा सकही । ग्राफिक्स सिस्टम, डिजिटल सिगनेचर, इंक्रिप्टेड ओटीपी के उपयोग करके एला अऊ मजबूत बनाया गए हे। बैंक, एटीएम और इंटरनेट के माध्सम से होए वाली ठगी अब आसान नहीं होही अऊ लोगन अब डिजिटल माध्यम के उपयोग अऊ सुरक्षा के साथ कर पाही।


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