.....ताकि गांव के चौपाल म गूंजत राहय राम के कहानी,इही कारण बनाना पड़िस संगठन


.....ताकि गांव के चौपाल म गूंजत राहय राम के कहानी,इही कारण बनाना पड़िस संगठन
  06/11/2020  


केशव पाल  /  तिल्दा-नेवरा।

 

          जुन्ना समय ले इंहा गांव के चौपाल म रामायण पढ़े अउ सुने के परंपरा हे। विभिन्न धार्मिक,सामाजिक अउ सांस्कृतिक अवसर के संगे-संग गांव अउ शहर मन म दू-तीन दिन के वार्षिक रामायण या कहूं-कहूं नौ दिन के नवधा रामायण के आयोजन करे जाथे। जेमा दूरिहा-दूरिहा ले रामायण मंडली पहुंचके रामायण पाठ करथे। पर आधुनिकता के अंधा दौड़ ह ए परंपरा ल काफी क्षति पहुंचाय हे। इही कारण अब गांव मन म रामायण पाठ करे के परंपरा विलुप्ति के कगार म पहुंचे ल धर लेहे। पर अभी घलो कुछ मानस के रसिक हे जेमन ए धर्म के धुरी ल बचाए रखे बर अउ एला सुरक्षित रखे म लगे हुए हे।
          दरअसल मानस मंडली मन के द्वारा ए दिनों छत्तीसगढ़ मानस संगठन नाम के एक संगठन बनाय गए हे जेमा छत्तीसगढ़ के पूरा 28 जिला के रामायण मंडली शामिल हे। जानकारी के मुताबिक 2500 मानस मंडली ए संगठन ले जुड़े हुए हे। ए मानस मंडली मन के द्वारा रामचरितमानस गान के परंपरा ल संरक्षित अउ संवर्द्धित करे के कार्य करे जात हे। प्रदेश स्तर,जिला स्तर अउ ईकाई स्तर म अलग-अलग पदाधिकारी नियुक्त करे गए हे। जेमन अपन-अपन स्तर म काम करत हे।

2500 मंडली के संगठन

         संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चंपेश्वर सिंह राजपूत ह बताइस कि ए संगठन म छत्तीसगढ़ के सबो 28 जिला के शहरी अउ ग्रामीण क्षेत्र के 2500 मानस मंडली शामिल हे। जेकर अपन-अपन स्तर म पदाधिकारी नियुक्त करे गए हे। जेमन प्रेम,भाईचारा,सदभाव,संस्कृति अउ सहिष्णुता ल बढ़ावा दे बर रामचरित मानस के प्रचार-प्रसार करे म लगातार लगे हुए हे। बदलत परिवेश के संग गांव,शहर म रामायण गाये के परंपरा क्षीण होवत जावत हे।जनमानस के ए सब ले रूचि घटत जात हे। इही सब ल पुनःस्थापित करे के बीड़ा संगठन ह उठाए हे।

परंपरा बचाए बर संघर्षरत हे संगठन

          संगठन के संस्थापक सदस्य अउ ऑनलाइन संगोष्ठी के अध्यक्ष लोमश नायक के कहना हे कि संगठन के क्रियाकलाप म मुख्य रूप ले सबो जिलों ले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संपर्क,संजीवनी बूटी योजना जेमा सबो प्रकार के शारीरिक कष्ट ले जूझत मानव के सेवा,सप्तरंगी योजना जेमा वृक्षारोपण करना,गांव के सौदर्यीकरण,मानस ले मानव ल मानवता के दर्शन बर संगोष्ठी के आयोजन करना,ऑनलाइन संगोष्ठी,प्रवचन,मीटिंग के आयोजन करना आदि शामिल करे गए हे। संभाग अध्यक्ष लतेल जायसवाल अउ तिल्दा इकाई अध्यक्ष डागेश्वर वर्मा ह उक्त संगठन ल मानस प्रचार के उपयुक्त माध्यम बतावत हुए एकता ले कार्य करे के बात कहिन हे।


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