लापरवाही : प्रतिबंध के बावजूद जलाय जावत हे पराली,कार्रवाई शून्य


लापरवाही : प्रतिबंध के बावजूद जलाय जावत हे पराली,कार्रवाई शून्य
  28/11/2020  


केशव पाल @ तिल्दा-नेवरा। अंचल के किसान मनाही के बावजूद धान कटाई के बाद बचे अवशेष ल आग के हवाले करत हे। जेकर ले पर्यावरण प्रदूषित होवत हे।पर जिम्मेदार आंखी मूंद के बैठे हे।
गौरतलब हे कि शासन-प्रशासन द्वारा फसल कटाई के बाद बचे पराली (पैरा) के जलाय म प्रतिबंध लगाय हे।येकर बाद भी किसान मन नियम के अवहेलना करत खेत मे बचे पराली मन म बेधड़क आगी लगा देवत हे जेकर ले वातावरण तो प्रदूषित होबे करत हे संगे-संग माटी के उर्वरा शक्ति घलो खतम होवत हे।
किसान मन हर साल बड़े पैमाने म खरीफ अउ रबी के फसल लेथे। फसल पके के बाद हार्वेस्टर,थ्रेसर या अन्य माध्यम ले ओकर कटाई करथे,पर कटाई के बाद बचे अवशेष ल किसान मवेशी मन ल खवाय के बजाय आग के हवाले कर देथे,येमा ले उड़इया धुँआ ले पर्यावरण प्रदूषित होथे। पर शासन-प्रशासन कार्रवाई के बजाय शिकायत के इंतजार करथे। जानकार मन के मुताबिक किसान बचे अवशेष ल पशु मन ल खवाय बर सुरक्षित रख सकत हे,कोनो गौशाला म दान कर सकत हे या नहीं ते जलाय के बजाय खेत म ही सड़ा के खाद बना सकत हे।


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