जनप्रतिनिधि पति अउ ठेकेदार के होइस हाथापाई, शहर म बनीस चर्चा के विषय


 जनप्रतिनिधि पति अउ ठेकेदार के होइस हाथापाई, शहर म बनीस चर्चा के विषय
  14/09/2021  


जिला पंचायत कार्यालय म जनप्रतिनिधि पति अउ ठेकेदार के बीच होइस हाथापाई, शहर म बनीस चर्चा के विषय

जांजगीर-चांपा :  जिला पंचायत जांजगीर-चांपा आजकल सुर्खी म बने हुये हे एकर वजह हे एक महिला जनप्रतिनिधि पति अउ ठेकेदार के बीच के विवाद, प्रत्यक्षदर्शी मन के द्वारा नाम नई बताए के शर्त म बताये गइस कि विवाद के शुरूवात जनप्रतिनिधि पति द्वारा किये गईस, जब ठेकेदार कार्यालय म बैठे रहिस तभे जनप्रतिनिधि पति मौका म आइस अउ ठेकेदार ल *"तै कार्यालय म कोन हैसियत से आके बैठथस अउ कर्मचारी मन ल हुकूम देत रथस जबकि तै ईहां के कर्मचारी घलो नो हस".* जेकर जवाब म ठेकेदार ह कहिस की *"तोर हैसियत का हे तै मोला कोन हक से बोलत हस, तहूँ तो ईहां के कर्मचारी नो हस. ऐसे म मोला बोलने वाला तै होथस कौन"*. यही बात ल लेके दुनों के बीच विवाद बढ़ गये. नौबत हाथापाई तक आ गईस. जेकर बाद कार्यालय के कर्मचारी मन के द्वारा बीच-बचाव करके मामला ल शांत कराये गइस, लेकिन तब तक दुनों म देखे दिखाये तक बात पहुंच चुके रहिस. आखिर ले देके मामला ल शांत कराये गइस।
मामला के खबर जिला पंचायत सीईओ तक घलो पहुंचीस, लेकिन सीईओ कति ले ये मामला म अब तक कोनो प्रतिक्रिया नई दिए गए हे, लेकिन कार्यालय से जो जानकारी मिले हे, ओकर मुताबिक ठेकेदार सीईओ के करीबी बताये जावत हे, क़ाबर की सीईओ अब तक जिहां-जिहां भी पदस्थ रहे हे, ओकर साथ म तथाकथित ठेकेदार किन्नी जइसन चिपक के जाथे या कही कि परछाई असन रथे. कुछ यही तरह के हालात जिला पंचायत जांजगीर-चांपा म भी हे. उक्त ठेकेदार रोजाना कार्यालय म आके कर्मचारी मन ल हूकुम उपर हूकुम देत रथे, हर काम म हस्तक्षेप करत रथे, जेकर से विभाग के कर्मचारी घलो खासा परेशान हावय, सीईओ साहब के खासमखास होय के चलते कोनो खुलके विरोध घलो नई कर पावत हे लेकिन दबे जुबान म भद्दा- भद्दा गाली जरूर देत रथे, साथ ही सीईओ के तबादला हो जाये के विनती भी करत रथे. फिलहाल जिला पंचायत जांजगीर-चांपा बाहरी लोगन मन के कारण चर्चा म बने हुए हावय विभाग के कर्मचारी एकर से खासा परेशान हे. ये विवाद हफ्ता भर के अंदर के बताये जावत हे.

जनप्रतिनिधि पति के अखबार के हेडलाइन म नजर

सूत्र के मानी त जिला पंचायत के महिला जनप्रतिनिधि के पति के अखबार मन के हेडलाइन म विशेष नजर रथे कि कोन अखबार ह कोन विभाग के खबर प्रकाशित करे हावय, ओकर कटिंग करके रखे जाथे, जेकर बाद अपन चेला मन के साथ उक्त विभाग म पहुंच के अखबार मन म छपे खबर के बात छेड़के खर्चा पानी के मांग किये जाथे, नई देहे म विभाग के शिकायत ऊपर तक किये जाथे, पत्नी के पद के पति द्वारा जमके नाजायज फायदा उठाये जावत हे, ठेकेदार असन जनप्रतिनिधि पति भी रोजाना कार्यालय म आ जाथे अउ अपन स्वार्थ सिद्ध करत रथे,

ठेकेदार ल बताये जाथे सीईओ के खास

तथाकथित ठेकेदार ल जिला पंचायत सीईओ के खास बताये जाथे, अब तक सीईओं जिहां-जिहां पदस्थ रहे हे उहां ले मिले जानकारी अउ वर्तमान पदस्थान ले मिले जानकारी के अनुसार उक्त ठेकेदार ल अगर सीईओ के परछाई कहे जाए त कोनो गलत बात नई हे. क़ाबर कि उक्त ठेकेदार या तो सीईओ के केबिन म बैठे रथे या कार्यालय के कर्मचारी मन ल हूकुम देत रथे। कार्यालय के हर काम-काज मे ठेकेदार के सीधा दखल रथे, जेकर ले विभाग के कर्मचारी घलो खासा परेशान रथे, हफ्ता भर के अंदर होय विवाद के कारण भी यही रहिस, जनप्रतिनिधि पति चाहथे कि विभाग म ओकर चलवा चलत रहे, त ठेकेदार चाहथे कि विभाग म ओकर तुती बोलय अउ येई हर ये पूरा विवाद के जड़।.

 

 

 

 

 

 

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