छत्तीसगढ़बिलासपुर संभाग

आदिवासी समाज का उग्र प्रदर्शन : जेवरा स्कूल से अतिक्रमण हटाने और 12 किमी सड़क निर्माण की मांग पर सीपत बलौदा मार्ग एक घंटे चक्काजाम

जब हक के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो समझिए व्यवस्था सो रही है : देव सिंह पोर्ते

सीपत  :– मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के वनांचल ग्राम सोंठी, खम्हरिया, जेवरा, अदराली व नवापारा सहित आसपास के गांवों के हजारों ग्रामीणों ने मंगलवार को अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर सीपत-बलौदा मुख्य मार्ग खम्हरिया में दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक एक घंटे का शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली चक्का जाम किया। आंदोलन का नेतृत्व सोंठी क्षेत्र की जनपद सदस्य श्रीमती लक्ष्मीन बाई पोर्ते ने किया, जबकि छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष देव सिंह पोर्ते ने तीखा और स्पष्ट पक्ष रखते हुए प्रशासन को चेताया कि अब ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठाएंगे। चक्का जाम के दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की समझाइश के बाद आंदोलन समाप्त किया गया।

आदिवासी समाज को बार-बार अनदेखा करना अब बर्दाश्त नहीं : देव सिंह पोर्ते

देव सिंह पोर्ते ने कहा कि प्रदेश में आदिवासी सरकार होने की बात कही जाती है, लेकिन यदि आदिवासी समाज को अपने ही गांव की सड़क और स्कूल की जमीन के लिए सड़क पर उतरना पड़े, तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। शहरों की सड़कें जल्दी बन जाती हैं, लेकिन गांवों की जर्जर सड़कों को वर्षों तक नजरअंदाज किया जाता है। अब यह अन्याय नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जेवरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के अहाते के भीतर कथित अवैध कब्जे को लेकर पहले भी जिला प्रशासन को जनदर्शन में आवेदन दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ा। जनपद सदस्य लक्ष्मीन बाई पोर्ते के नेतृत्व में हुआ संगठित आंदोलन जनपद सदस्य श्रीमती लक्ष्मीन बाई पोर्ते ने आंदोलन की कमान संभालते हुए कहा कि यह प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों की मूलभूत सुविधा के लिए है। उन्होंने बताया कि जेवरा स्कूल परिसर में अवैध कब्जा कर बाड़ी लगाकर सब्जी उगाई जा रही है, जिसे हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके साथ ही खम्हरिया-अदराली-जेवरा मार्ग लगभग 12 किलोमीटर तक वर्षों से जर्जर स्थिति में है, जिससे आमजन, विद्यार्थी और मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उनके नेतृत्व में हजारों की संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग एकजुट होकर सड़क पर उतरे। महिलाओं में विशेष रूप से आक्रोश देखा गया।

प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, एक माह में सड़क निर्माण का आश्वासन

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल को सौंपा। मौके पर उपस्थित पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी राघवेंद्र सूर्यवंशी ने विभाग की ओर से एक माह के भीतर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। सीपत तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने जेवरा स्कूल अतिक्रमण मामले पर कहा कि प्रकरण न्यायालय में लंबित है और नियमानुसार शीघ्र समाधान की प्रक्रिया की जाएगी। थाना प्रभारी राजेश मिश्रा की मौजूदगी में समझाइश के बाद चक्का जाम समाप्त हुआ।

एकजुटता का संदेश, शांतिपूर्ण रहा आंदोलन

चक्का जाम पूर्णतः शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। हजारों ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वनांचल क्षेत्र अब अपनी समस्याओं को लेकर मौन नहीं रहेगा। आंदोलन में प्रमुख रूप से देव सिंह पोर्ते (जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज), जनपद सदस्य लक्ष्मीन बाई पोर्ते, मीना वस्त्रकार (सरपंच सोंठी), त्रिभुवन पोर्ते, प्रमोद कुर्रे, घनश्याम नेताम, विजय गुप्ता, भागीरथी पोर्ते, धनिदास महंत, नारायण, राजेंद्र पटेल, देवेंद्र सिंह पोर्ते, भागीरथी जायसवाल, राम कश्यप, महेश्वर नेताम, संतोषी बाई सहित हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे।

साफ संदेश : सड़क और स्कूल की जमीन पर समझौता नहीं 

वनांचल क्षेत्र के इस संगठित प्रदर्शन ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए आंदोलन स्थगित किया है, लेकिन उनकी निगाहें अब वादों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

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