10 करोड़ का इनामी ‘टीचर’ नक्सली अमित शाह के सामने करेगा समर्पण !


जगदलपुर। भारत के सबसे वांछित माओवादी नेता और प्रतिबंधित संगठन के पूर्व महासचिव मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ ‘गणपति’ के आत्मसमर्पण की खबरें तेज हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यधारा में शामिल हो सकता है। गणपति पर देश के विभिन्न राज्यों को मिलाकर लगभग 10 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
नेपाल से भारत वापसी:
रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘ऑपरेशन कगार’ के दबाव के बीच गणपति नेपाल में छिपा हुआ था, जहाँ से उसे पिछले दिनों पकड़कर भारत लाया गया है।
आंदोलन का ‘टीचर’:
माओवादी हलकों में ‘टीचर’ के नाम से मशहूर गणपति ने लगभग 50 वर्षों तक सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। 2018 में बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य के कारण उसने महासचिव का पद छोड़ दिया था।
रणनीतिक क्षति:
जानकारों का मानना है कि गणपति का आत्मसमर्पण माओवादी आंदोलन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका होगा। उसी के कार्यकाल में माओवादी नेटवर्क का देशव्यापी विस्तार हुआ और कई बड़े नक्सली हमलों को अंजाम दिया गया।
उच्च स्तरीय बैठकों का दौर
हाल ही में माओवादी नेता देवजी, चोक्का राव और मल्लाजी रेड्डी जैसे बड़े चेहरों के आत्मसमर्पण के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई है। इस सिलसिले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, राज्य के डीजीपी और खुफिया ब्यूरो (SIB) के अधिकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है।
मूल रूप से तेलंगाना के जगतियाल जिले (सारंगापुर) का निवासी गणपति लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। उसकी पत्नी सुजाता भी माओवादी आंदोलन की सक्रिय सदस्य बताई जाती है।








