अलसी बीज वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा विधानसभा में उठा, मंत्री ने जांच के दिए संकेत


रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में रायगढ़ जिले में अलसी उत्पादन के लिए बीज वितरण और उसके रिजेक्ट होने का मामला गूंजा। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
उमेश पटेल ने कहा कि मंत्री के जवाब के अनुसार रायगढ़ जिले में वितरित किए गए बीज में 158.49 हेक्टेयर क्षेत्र का उत्पादन रिजेक्ट कर दिया गया, जिससे करीब 85 प्रतिशत किसानों का रकबा प्रभावित हुआ। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में बीज क्यों रिजेक्ट किया गया।
इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए कहा कि अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलने के कारण बीज रिजेक्ट करना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज तो दिया गया, लेकिन उन्हें पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिल पाया, जिसके कारण उत्पादन कम रहा।
इस पर उमेश पटेल ने सवाल उठाया कि यदि किसानों को प्रशिक्षण नहीं मिला तो इसके लिए कौन सा विभाग जिम्मेदार है। मंत्री नेताम ने स्वीकार किया कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि खरपतवार के कारण कई किसानों की फसल रिजेक्ट कर दी गई और पूछा कि बीज की ग्रेडिंग कब और किसके द्वारा की गई। इस पर मंत्री ने कहा कि वे इसकी जानकारी मंगवाकर सदन को बताएंगे।
उमेश पटेल ने यह भी सवाल उठाया कि अलसी के लिए उपयोग की जाने वाली विशेष छन्नी (सिव) उपलब्ध नहीं थी, इसके बावजूद करीब 186 क्विंटल फसल को रिजेक्ट कर दिया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि अलसी के डंठल से उनके क्षेत्र में कपड़े भी बनाए जाते हैं और यह किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को भी अलसी से बने वस्त्र भेंट किए हैं, इसलिए किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इस मामले में एमडी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जांच किस स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि पूरे मामले की जांच सक्षम अधिकारी से कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।






