Chhattisgarh : अवैध संबंध बनाने डांस टीचर करता था टार्चर, नाबालिग ने चाकू से गोद कर दिया काम तमाम


छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक शिक्षक की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 56 दिनों के बाद खुलासा कर दिया है। अननेचुरल सेक्स के लिए दबाव और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर 10वीं के एक छात्र ने अपने ही शिक्षक की गला रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।
घटना की पृष्ठभूमि और विवाद की वजह
मृतक की पहचान 27 वर्षीय सत्यमदास मानिकपुरी के रूप में हुई है, जो एक निजी स्कूल में डांस टीचर था। पुलिस जांच के अनुसार, शिक्षक और नाबालिग छात्र के बीच पिछले 3 महीनों से जान-पहचान थी। इस दौरान उनके बीच अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बने थे। शिक्षक लगातार छात्र पर दोबारा संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था और बात सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा था।


साजिश और हत्याकांड (17 जनवरी 2026)
ब्लैकमेलिंग से पीछा छुड़ाने के लिए नाबालिग ने हत्या की योजना बनाई:
नियोजित हमला: 17 जनवरी को छात्र ने शिक्षक को व्हाट्सएप कॉल कर बुलाया।
वारदात: दोनों स्कूटी से लालपुर नर्सरी के पीछे पहुंचे। छात्र घर से पहले ही चाकू लेकर निकला था। वहां पहुँचते ही उसने शिक्षक के गले पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
सबूत मिटाना: हत्या के बाद आरोपी ने शिक्षक का मोबाइल और सिम अलग-अलग स्थानों पर नदी में फेंक दिए और अपने पैतृक गांव (सारंगढ़-बिलाईगढ़) में जाकर छिप गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और तकनीकी जांच
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए कवर्धा पुलिस ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया:
डाटा एनालिसिस: करीब 5,000 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया और 500 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए।
पूछताछ: 100 से अधिक संदिग्धों और परिचितों से पूछताछ की गई।
डिजिटल फुटप्रिंट: आरोपी के मोबाइल की सर्च हिस्ट्री से चौंकाने वाले खुलासे हुए। वह इंटरनेट पर ‘मर्डर के बाद बचने के तरीके’, ‘मोबाइल ट्रैकिंग से बचाव’ और ‘साइकॉलोजिकल थ्रिलर’ जैसे विषय सर्च कर रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने एक कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपी को सारंगढ़-बिलाईगढ़ से हिरासत में लिया। नाबालिग की निशानदेही पर नदी से मृतक का मोबाइल बरामद किया गया।घटना में इस्तेमाल स्कूटी और खून से सने कपड़े जब्त किए गए। पुलिस ने मौके पर ले जाकर ‘सीन रिक्रिएट’ भी कराया।
मामला किशोर अपराध और यौन शोषण के गंभीर पहलुओं को उजागर करता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत कार्यवाही पूरी कर ली है।








