छत्तीसगढ़ : आदिवासी नाबालिग से पहचान छिपाकर दुष्कर्म, ‘लव जिहाद’ के आरोपों के बाद आरोपी पर केस दर्ज


अंबिकापुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में एक बार फिर कथित ‘लव जिहाद’ का मामला गरमा गया है। एक आदिवासी नाबालिग छात्रा को अपनी पहचान छिपाकर प्रेम जाल में फंसाने और उसे गर्भवती कर फरार होने के आरोप में पुलिस ने अरमान सिद्दीकी नामक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
घटना का विवरण
आरोपी अरमान सिद्दीकी ने स्कूल जाने वाली एक नाबालिग आदिवासी लड़की को अपनी बातों में फंसाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो आरोपी उसे एक किराए के कमरे में रखकर करीब 8 महीने तक शोषण करता रहा।
जैसे ही पीड़िता की गर्भावस्था 9वें महीने में पहुंची, आरोपी उसे छोड़कर अपने घर भाग गया और साथ रखने से इनकार कर दिया। इस दौरान पीड़िता को पता चला कि युवक ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाई थी। ठगे जाने का एहसास होने पर पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई।
हिंदू संगठनों में आक्रोश
मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता और आदिवासी नेता इंदर भगत बड़ी संख्या में मणिपुर थाना पहुंचे। भारी दबाव और पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
भाजपा और स्थानीय आदिवासी नेताओं का आरोप है कि सरगुजा संभाग में योजनाबद्ध तरीके से आदिवासी युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि पहचान छिपाकर विवाह करने के पीछे का उद्देश्य क्षेत्र की डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) बदलना, आदिवासी जमीन हड़पना और पंचायत चुनावों में राजनीतिक लाभ लेना है।








