भूल जाऐंगे चिप्स…कुककुरे…जब एक बार खा लेंगे छत्तीसगढ़िया लाई बरी,सबसे बेस्ट नाश्ता… बनाना एकदम आसान

छत्तीसगढ़िया लाई बरी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक व्यंजन है, जो फूले हुए चावल (लाई) से बनाई जाती है। यह सूखी सब्जी या चटनी के साथ खाई जाती है और त्योहारों या दैनिक भोजन में लोकप्रिय है।
सामग्री (200 ग्राम लाई बरी के लिए)
लाई (फूला चावल या puffed rice): 200 ग्राम
सफेद तिल (sesame seeds): 100 ग्राम
अदरक: 1 इंच टुकड़ा (कुचला हुआ)
हरी मिर्च: 4 (बारीक कटी)
हरा धनिया: 1 कप (बारीक कटा)
जीरा: 1 चम्मच
लहसुन: 8-10 कलियां (छीली हुई)
नमक : स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर: 1-2 चम्मच (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
लाई को साफ पानी से धो लें और 15-20 मिनट तक मैश करें जब तक यह गीला पेस्ट जैसा न हो जाए। हाथों से दबाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ें।
अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, जीरा, हरा धनिया और तिल को दरदरा पीस लें। इसमें नमक और लाल मिर्च मिलाएं।
लाई के पेस्ट में मसाला मिश्रण अच्छे से मिला लें। अगर जरूरी हो तो थोड़ा गर्म पानी डालकर गूंथ लें ताकि मिश्रण बांध जाए।
हाथों को तेल लगाकर छोटी-छोटी गोल या लंबी बारियां बना लें। इन्हें साफ कपड़े पर धूप में 1-2 दिन सुखाएं जब तक पूरी तरह कुरकुरी न हो जाएं।

छत्तीसगढ़िया लाई बरी को पूरी तरह कुरकुरी होने तक धूप में सुखाना चाहिए।
सुखाने का समय
तेज धूप में 1-2 दिन पर्याप्त होते हैं, जहां रात को छाया में रखकर सुबह फिर धूप में फैलाएं।
सामान्य मौसम में 2-3 दिन लगते हैं; बारियां सख्त और हल्के रंग की हो जाएं तो तैयार।
बादल या कम धूप में न बनाएं, वरना कच्ची रहकर खराब हो सकती है।
स्टोरेज टिप्स
पूरी तरह सूखने पर एयरटाइट डिब्बे या प्लास्टिक पाउच में रखें।
ठंडी, सूखी जगह पर 1-2 महीने या ज्यादा समय तक इस्तेमाल योग्य रहती है।
नमी से बचाएं, फ्रिज में रखने की जरूरत नहीं
परोसने का तरीका
सूखी हो जाने पर फ्राई करके आलू-भिंडी या पोंगा सब्जी के साथ सर्व करें। यह 1-2 महीने तक एयरटाइट डिब्बे में रखी जा सकती है।
पोषण और महत्व
यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, जो छत्तीसगढ़ी संस्कृति का हिस्सा है। गर्मियों में हल्का और पचने में आसान व्यंजन।






