शराब घोटाला : EOW में आरोपी बनाए गए आबकारी के 6 पूर्व अफसरों सहित 28 अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में EOW में आरोपी बनाए गए आबकारी के 6 पूर्व अफसरों सहित 28 अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ जमानत दी है। EOW ने 32 सौ करोड़ रुपए का घोटाला बताया है। इन अफसरों को गिरफ्तार न करते हुए ब्यूरो ने आबकारी विभाग से जुड़े 29 अफसरों के खिलाफ चालान पेश किया था।
चालान पेश करने के बाद इन सभी को 20 अगस्त को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन इन सभी ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट से 18 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई, जिसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद सभी को शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है। 29 अफसरों में से 7 रिटायर हो चुके हैं। बाकी बचे 22 अधिकारियों को सरकार ने सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर 2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में पोस्टिंग के दौरान 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है।
EOW ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि प्रदेश में 2100 करोड़ नहीं 3200 करोड़ रूपए का शराब घोटाला हुआ है। आबकारी विभाग नें सभी अधिकारियों का निलंबन आदेश जारी कर दिया है।
EOW ने गरीबपाल दर्दी, नोहर सिंह ठाकुर, सोनल नेताम, अलेख राम सिदार, प्रकाश पाल, ए. के. सिंह, आशीष कोसम, जे. आर. मण्डावी, राजेश जयसवाल, जी. एस. नुखटी, जे. आर. पैकरा, देवलाल वैद्य, ए. के. अनंत, वेदराम लहरे, एल.एल. ध्रुव, जनार्दन कोरव, अनिमेष नेताम, विजय सेन, अरविंद कुमार पाटले, प्रमोद कुमार नेताम, राम कृष्णा मिश्रा, विकास कुमार गोस्वामी, इकबाल खान, नितिन खंडुजा, नवीन प्रताप भिंग, सौरभ बख्शी, दिनकर वासनीक, मोहित कुमार जायसवाल, नीलू नोतानी और मंजू कसेर के खिलाफ चालान पेश किया है।
बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में EOW ने शनिवार को पांचवां पूरक चालान पेश किया था। 2100 पेज के चालान में EOW ने घोटाले में शामिल आबकारी अधिकारियों की भूमिका बताई गई है। साथ ही आबकारी अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। आने वाले दिनों में आरोपी अधिकारियों को कोर्ट में पेश होना होगा।


