प्रताप बर्मन को उचित न्याय देने की मांग को लेकर धरने पर बैठे आंदोलन को छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने दिया समर्थन

बिलासपुर। रेलवे के लापरवाही से हुए प्रताप बर्मन की मौत के बाद पत्नी को नौकरी, उचित मुआवजे के लिए 3 दिन से चल रहे आंदोलन को छत्तीसगढ़ियों के हक अधिकार के लिए लड़ रहे संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने आज समर्थन दिया । अपने दर्जनों सेनानियों के साथ पहुंचे क्रांति सेना संगठन ने रेलवे डीआरएम ऑफिस के सामने चल आंदोलन में पीड़ित परिवार को उचित न्याय मिलने तक तन मन धन से साथ देने की बात कही।
क्रांति सेना के जिला संयोजक अनिल पाली ने बताया कि रेलवे प्रशासन विगत 5 दिन से है अपने हठधर्मिता पर अड़कर छत्तीसगढ़िया समाज का मजाक बना डाला है । जबकि इस दुखद और संवेदनशील मसले पर रेलवे को तत्काल फैसला लेते हुए मृतक का उचित उपचार कराना था लेकिन रेलवे के सहयोग नहीं मिलने से बेचारे प्रताप का जान चला गया ।

उन्होंने आगे बताया कि हमारा संगठन भी आंदोलनकारी का पूर्णरूपेण समर्थन करता है और मांग करते है कि उनकी पत्नी को रेलवे में सरकारी नौकरी , परिवार को एक करोड़ रुपए और ठेकदार को कठोर से कठोर सजा दिया जाए।
मस्तूरी ब्लॉक अध्यक्ष अस्वनी गोयल ने कहा कि रेलवे प्रशासन के सहयोग नइ करने के कारण भाई प्रताप बर्मन की मौत हो गई है, धरने में बैठी महिलाओं ने बताया है कि बिना पैसा के अस्पताल प्रबंधक इलाज करने के लिए राजी नइ हुवे, जब पैसा जमा करने की बात कही तब इलाज सुरु हुवा, लेकिन बिल जमा करने में लेट होने पर इलाज करना बंद कर दिया था जिसके कारण प्रताप की मौत हो गई, इस तरह रेलवे के सहयोग नइ मिलने से भी प्रताप की मौत हुई है।
मस्तूरी ब्लॉक संयोजक प्रदीप साहू ने सभी छत्तीसगढ़िया समाज को एक होने की अपील की और कहा कि जब तक छत्तीसगढ़िया समाज एक होक काम नही करेगा तब तक ऐसे कई धरना प्रदर्शन होते रहेंगे, जिसमे शासन प्रशासन कुछ नही करने वाला।
इस मौके पर बॉबी पात्रे, अजय सूर्या, प्रदीप साहू, पुनी सूर्यवंशी, विशाल कौशिक, लोकेंद्र कौशिक,मनोज कौशिक, अश्वनी गोयल,प्रदीप मांडले, कृतग पटेल, मनोज साहू, मुकेश यादव, जैसे पदाधिकारी समेत दर्जनों सेनानी उपस्थित रहे।