कांग्रेस ने कर दिया कमाल ! छह साल के लिए निष्कासित छत्तीसगढ़ की महिला नेत्री अब AICC की राष्ट्रीय संयोजक, चुनाव के वक्त की कार्रवाई पर फिर उठने लगे सवाल, नई नियुक्ति से मचा सियासी घमासान

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ की महिला नेत्री राशि त्रिभुवन महिलांग को राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त कर दिया है, जिसके बाद पार्टी के अंदर ही हलचल तेज हो गई है। हैरानी की बात यह है कि जिन राशि त्रिभुवन महिलांग को आज राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें जिला कांग्रेस कमेटी पहले ही छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुकी है।
निष्कासन का पूरा मामला क्या था
जिला कांग्रेस कमेटी ने 5 फरवरी 2025 को आदेश जारी कर राशि त्रिभुवन महिलांग को संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में बाहर का रास्ता दिखाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जाकर चुनाव में बगावत की और एक निर्दलीय प्रत्याशी का खुलकर समर्थन किया, जिसे अनुशासनहीनता मानते हुए कड़ी कार्रवाई की गई थी।
अब नए आदेश से उठ रहे तीखे सवाल
AICC की ओर से राष्ट्रीय संयोजक जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के बाद कांग्रेस की आंतरिक समन्वय व्यवस्था और अनुशासनात्मक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा तेज है कि जिस नेता को छह साल के लिए निष्कासित किया गया, उसे उसी अवधि के दौरान ही राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी कैसे और किस आधार पर सौंप दी गई।
चुप्पी से बढ़ी संगठन के भीतर बेचैनी
अब तक न AICC और न ही प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से इस विरोधाभासी स्थिति पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है। स्पष्टीकरण की कमी की वजह से यह नियुक्ति लोकल संगठन की अनुशासनात्मक कार्रवाई और हाईकमान के फैसलों के बीच टकराव की एक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
राजनीतिक संदेश और संभावित नुकसान
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का एक वर्ग मान रहा है कि ऐसे फैसले से जमीनी कार्यकर्ताओं को गलत संदेश जा सकता है, क्योंकि अनुशासनहीनता के मामलों में एक जैसी कसौटी दिखना जरूरी होता है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक निर्वाचन के समय की गई कड़ी कार्रवाई और बाद में मिली बड़ी जिम्मेदारी, दोनों मिलकर संगठनात्मक सख्ती के पूरे नैरेटिव को कमजोर कर सकती हैं






