Chhattisgarh : स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों का तांडव, शिक्षिका और 4 छात्र लहूलुहान; सुरक्षा पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़: सूरजपुर जिले के बसदेई क्षेत्र में शुक्रवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब दो सरकारी स्कूलों के परिसर में घुसे आवारा कुत्तों ने जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में एक महिला शिक्षिका और चार स्कूली छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासनिक सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
कैसे हुई घटना?
मिली जानकारी के अनुसार, घटना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसदेई की है। दोपहर करीब 2:00 बजे जब कुछ छात्र वाशरूम जा रहे थे, तभी कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बच्चों को बचाने दौड़ीं शिक्षिका गायत्री सोनी को भी कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। इसके बाद कुत्तों का यह झुंड पास के ही एक अन्य माध्यमिक शाला में घुस गया और वहां भी दो बच्चों को अपना शिकार बनाया। विद्यालय प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत बसदेई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने सभी को ‘एंटी-रेबीज’ इंजेक्शन लगाया है। फिलहाल सभी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
लापरवाही के 3 मुख्य कारण
स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह हादसा कोई संयोग नहीं बल्कि लंबे समय से बरती जा रही लापरवाही का नतीजा है,विद्यालय परिसर में सुरक्षा घेरा (बाउंड्री वॉल) नहीं होने के कारण मवेशी और आवारा कुत्ते बेरोकटोक अंदर घुस आते हैं।
गंदगी और मध्याह्न भोजन
Chhattisgarh : आत्मानंद स्कूल में छोटे बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन के अवशेष और परिसर में फैली गंदगी कुत्तों को आकर्षित करती है। आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पिछले 2 वर्षों से अस्थायी भवन में चल रहा है। ठेकेदार की सुस्ती की वजह से नए भवन का कार्य अब तक अधूरा है।
क्या कहता है कानून?
यह घटना सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि स्कूल परिसर बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित होने चाहिए। आवारा पशुओं के नियंत्रण और स्कूल की बाउंड्री वॉल जैसे बुनियादी ढांचे को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के आदेश के बावजूद जमीनी हकीकत इसके उलट है।
“एक शिक्षिका और चार बच्चे घायल हुए हैं। बाउंड्री वॉल न होना एक बड़ी समस्या है। हमने उच्चाधिकारियों को घटना की लिखित जानकारी दे दी है।” — रामचन्द्र प्रसाद सोनी, प्राचार्य (बसदेई स्कूल)
Chhattisgarh : बसदेई की इस घटना ने शिक्षा विभाग के बुनियादी ढांचे और बच्चों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यदि समय रहते बाउंड्री वॉल का निर्माण और स्वच्छता पर ध्यान दिया गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था।






