‘बस्तर में बनी विकास की नई तस्वीर’, राज्यसभा में बोले पीएम मोदी- आज पूरी दुनिया बस्तर को देख रही

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर की धरती से देश की राजनीति की नई दिशा तय करते हुए कांग्रेस की विचारधारा पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया है। पीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज पूरी दुनिया बस्तर में बदलती विकास की तस्वीर देख रही है, लेकिन कांग्रेस और भाजपा की सोच में ‘जमीन-आसमान’ का अंतर है।
सोच का फर्क: ‘चुनौती बनाम समाधान’
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहाँ भाजपा की सरकार चुनौतियों का स्थाई समाधान निकालने के लिए दिन-रात काम कर रही है, वहीं कांग्रेस की सोच इसके ठीक उलट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देशवासियों को ही एक ‘समस्या’ के तौर पर देखा है। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों नेहरू जी और इंदिरा जी का जिक्र करते हुए कहा कि वे देश के लोगों को विकास में बाधक या समस्या मानते थे। प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी के ईरान में दिए गए एक पुराने भाषण का हवाला देते हुए बताया कि कैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीयों को एक बोझ या समस्या के रूप में पेश किया गया था।
“हमारे लिए देशवासी सामर्थ्य की पूंजी”
पीएम ने अपनी सरकार का विजन स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार के लिए 140 करोड़ देशवासी समस्या नहीं, बल्कि समाधान और सामर्थ्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जनता के सामर्थ्य पर भरोसा किया जाता है, तब बस्तर जैसे क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में विश्व पटल पर चमकने लगते हैं।
राष्ट्रपति के अपमान पर कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री ने हालिया घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर ‘महिला और आदिवासी अस्मिता’ के अपमान का आरोप लगाया,पीएम ने कहा कि कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के पद और गरिमा का अपमान किया है। उन्होंने दुख जताया कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं का हनन बताया।
बस्तर की नई पहचान
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि आज का बस्तर हथियारों की खनक से नहीं, बल्कि विकास की धमक से पहचाना जा रहा है। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि “मोदी की गारंटी” का मतलब हर समस्या का समाधान है, जबकि विपक्ष सिर्फ राजनीति के लिए लोगों को बांटने का काम कर रहा है।
मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे- पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत की जमीन तैयार कर रहे हैं. कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है. मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रहे हैं. ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है. क्या ये संविधान का अपमान नहीं है. इसके बाद भी वे बयान देंगे, देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था. 2002 से 2014 से, पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो इन लोगों ने. मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि डेली दो किलो गाली खाता हूं. मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैं, ये नारा नहीं, इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है. हमने 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में बम बारूद की छाया समाप्त कर विकास की राह अपनाई, पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए साहसपूर्ण कदम उठाते हैं, इसलिए मोदी की कब्र खोदनी है इनको. नेहरू जी ने बहुत बड़ा अन्याय किया था देश के साथ, उसे हमने निलंबित कर दिया, क्या इसलिए कब्र खोदने की बात कर रहे हो.
‘विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं’, हंगामे को लेकर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि कल लोकसभा में राष्ट्रपति के संबोधन पर चर्चा नहीं हो सकी. यह संविधान का अपमान है, आदिवासी परिवार से आई महिला राष्ट्रपति का अपमान है. विपक्ष को संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में बड़ी दर्दनाक घटना घटी. सदन में इस तरह का माहौल बना दिया गया. चेयर पर कागज फेंके गए. तब चेयर पर असम के ही एक सदस्य थे. क्या ये असम का अपमान नहीं. कल फिर फेंके गए कागज, तब आंध्र प्रदेश के एक दलित सदस्य थे. भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिया, तब इन्होंने उसका भी विरोध किया. ये असम का विरोध है, पूरे देश के कलाप्रेमियों का विरोध है. असम इसे भूलने वाला नहीं है. इसी सदन के एक माननीय सांसद को कांग्रेस के शातिर दिमाग युवराज ने गद्दार कह दिया. अहंकार कितना सातवें आसमान पर पहुंच गया है इनका. कांग्रेस छोड़कर कितने ही लोग निकले हैं, किसी और को नहीं कहा. ये सिख थे. ये सिखों का, गुरुओं का अपमान था. सिखों के प्रति उनके मन में जो नफरत भरी पड़ी है, इसी के कारण कल कहा. वह भी ऐसे व्यक्ति को कहा, जिनका परिवार देश के लिए शहादत देने वाला परिवार है. सिख है, इसलिए गद्दार कहना… दुर्भाग्य की बात है. सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में क्या भाव है. एक तरफ ये दर्द, दूसरी तरफ सदानंद मास्टर का दर्द है. राजनीतिक द्वेष के कारण भरी जवानी में उनके दोनों पैर काट दिए. कटे पैर से जिंदगी गुजार रहे, लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में जरा भी कटुता नहीं. उन्होंने जब अपने लिंब को टेबल पर रखा, वह दृष्य़ पीड़ादायक था. हम ऐसे लोगों से ही राजनीति में जीने-मरने की प्रेरणा पाते हैं.
कांग्रेस के लिए देश के नागरिक समस्या, हमारे लिए समाधान- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि देश के कई जिले ऐसे थे, जिन्हें पिछड़ा मानकर के छोड़ दिया गया था. मौलिक जरूरतें भी नकार दी गई थीं. ये इलाके और पिछड़े होते चले गए. पनिशमेंट पोस्टिंग ऐसे जिलों में दी जाती थी. हमने स्थिति बदला. होनहार अफसरों को लगाया और तय किया कि तीन साल का मौका दिया जाएगा. बस्तर को देखिए. आज विकास की धारा बह रही है. पहली बार बस पहुंची तो पूरे गांव ने उत्सव मनाया. क्रियान्वयन क्या होता है, इसका आकांक्षी जिला बड़ा उदाहरण है. ये लोग यही जीप-खच्चर वाला मॉडल जानते हैं. उन्होंने सरदार सरोवर बांध का उदाहरण देते हुए कहा कि मेरा जन्म नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने इसकी कल्पना की थी. सीएम रहते तीन दिन धरना दिया, खुद को दांव पर लगा दिया, तब ये बांध बना. मेरे सामने ऐसे कई विषय आए, जिसमें एक-एक अटके प्रोजेक्ट आए. हमने एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाया, अभी 50वीं बैठक की. हरेक की बारीकी से देखा. इसे प्रधानमंत्री की तरफ से देखे जाने के कारण 85 लाख करोड़ का काम हुआ है. रेल, रोड, सिंचाई… हमने सारी चीजों को इसमें लिया. जम्मू ऊधमपुर बारामूला रेल लाइन, आजकल एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बर्फ के बीच से वंदे भारत निकल रही है. यही हिंदुस्तान है. हमारी सरकार ने इसको पूरा किया. असम की बात बताऊं, चुनाव की वजह से नहीं बोल रहा. कांग्रेस सिर्फ इमेजिन करती है. बोगी ब्रिज असम-अरुणाचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण ब्रिज है. हमने इस लटके काम को पूरा कराया. हमने पूरी दुनिया को कहा था कि सोलर में यहां 2030 में पहुंचेंगे, 2025 में ही पूरा कर लिया. हमारी अप्रोच और कांग्रेस के बीच में बहुत फर्क है. हमारी सोच ये है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं, कि चुनौतियों को पार कर सकते हैं. कांग्रेस देशवासियों को ही समस्या मानती है. किस तरह से ये लोग सोचते थे देश के लिए, नेहरू और इंदिरा की सोच क्या थी. इंदिरा जी एकबार ईरान गई थीं. वहां भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया. खुद कहा, – जब किसी ने मेरे पिता जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है. तो उन्होंने जवाब दिया था- 35 करोड़. तब देश की आबादी 35 करोड़ थी. इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा गांधी ने आगे कहा कि आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है, इसलिए मेरी समस्या भी उतनी ही बड़ी है. ये फर्क है उनकी सोच और हमारी सोच में. नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों, या पूरी कांग्रेसी बिरादरी हो. ये लोग भारत के लोगों को समस्या मानते हैं. मेरे कई कोटेशन मिलेंगे, चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ समाधान हमारे पास हैं. ऐसी सोच वाले लोग अपने परिवार का ही भला करेंगे.
पीएम ने सुनाया जीप-खच्चर वाला मॉडल
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास न तो इच्छाशक्ति थी, ना नीति. देश आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है. 2014 के पहले कांग्रेस नेताओं के फोन पर बड़े-बड़े लोन दिए जाते थे. एनपीए बढ़ता जा रहा था. हमने बैंकिंग सेक्टर को विश्वास में लिया, रिफॉर्म्स किए और आज एनपीए एक फीसदी से भी नीचे पहुंच गया है. उन्होंने बगैर गारंटी मुद्रा लोन से लेकर पीएसयू के रिकॉर्ड प्रॉफिट पर पहुंचने तक का जिक्र किया और कहा कि ये पीएसयू मेक इन इंडिया को पूरा कर रहे हैं. इन पीएसयू को कांग्रेस के नेताओं ने बदहाली की कगार पर पहुंचा दिया था. हमने किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को चार लाख करोड़ रुपये भेजने का काम किया है. छोटे किसानों को लेकर हमें बड़ा दर्द है. उन्होंने कहा कि हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे और वहां से आने के बाद खुद उन्होंने यह घटना कहीं सुनाई. नेता ने कहा कि काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा. क्योंकि वे काफी समय तक पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने को तैयार ही नहीं थे. हमने कहा कि पाड़ी इलाकों में हमारे मजदूरों को जीप की नहीं, खच्चर की जरूरत है. कहा गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, खच्चर के लिए नहीं. उस समय वहां सड़क नहीं थी. ये भाषण इंदिरा गांधी का है. कांग्रेस के लंबे शासनकाल में यही कार्यशैली रही. इंदिरा जी जानती थीं कि ये पाप चल रहा, लेकिन सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया. वह जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता खुद उनके पिता जी थे. 2014 तक सब परेशान थे, लेकिन सुधार को तैयार नहीं थे. 2014 में जब हमें मौका मिला, हमने उस कमीशन को खतम कर दिया और नीति आयोग बनाया, जो आज तेज गति से काम कर रहा है.
‘मौका गंवा दिया, कैसे भरोसा करे देश’, बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय यूनियन से लेकर अमेरिका तक, हाल में हुई ट्रेड डील का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया हमारी ट्रेड डील की तारीफ कर रही है. विश्व में अस्थिरता को लेकर जो चिंता थी, वह कम हुई है. हमारे युवाओं के लिए दुनिया का बाजार खुल चुका है. उन्होंने कहा कि इस सदन में चर्चा का स्तर थोड़ा और ऊंचा होना चाहिए था. विपक्ष ने मौका गंवा दिया, देश कैसे भरोसा करे. एक सदस्य आर्थिक असमानता की बात कर रहे थे, जो खुद को राजा कहलाने में गर्व करते हैं. टीएमसी के लोग यहां उपदेश दे रहे थे. जो निर्मम सरकार के सारे पैरामीटर पूरी कर रहे हैं. घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों में ताकत लगा रहे हैं. घुसपैठिए नौजवानों की रोजी-रोटी, आदिवासियों की जमीन छिन रहे हैं. यहां आकर वे हमें उपदेश दे रहे हैं. एक हमारे सदस्य काफी कुछ बोल रहे थे. जिनकी पूरी सरकार शराब में डूब गई, वह काफी कुछ बोल रहे थे. ऐसे सभी साथियों से ये जरूर कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे. कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, लेफ्ट… ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे, सत्ता में भागीदार रहे. राज्यों में भी सरकारें चलाने का अवसर मिला. अब डील की चर्चा होती है, नागरिकों के जीवन में बदलाव आ रहा है. इनकी प्राथमिकता अपनी जेबें भरने की रही.
दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के बाद आज वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है. दुनिया भारत की ओर उम्मीद और भरोसे के साथ देख रही है. दुनिया का झुकाव आज भारत की तरफ है. भारत ग्लोबल साउथ की बुलंद आवाज बना है. उन्होंने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट के जरिये इच्छाशक्ति दिखाई थी, जापान हमारा पार्टनर था. आज देश सामर्थ्य दिखा रहा है. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले वोटबैंक की राजनीति होती रही. प्रधानमंत्रियों की लाल किले की प्राचीर से भाषण का विश्वलेषण कर लें, समझ आ जाएगा कि उनके पास विजन नहीं था. पीएम ने कहा कि उनकी गलतियों को ठीक करने में हमारी ज्यादातर ताकत लग रही है. आज भारत विश्व के साथ स्पर्धा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. आज दुनिया हमारे उद्यमियों को समानता की दृष्टि से देख रही है. एमएसएमई का नेटवर्क जितना सामर्थ्यवान होता है, आज इस पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है.
भारत के प्रति बढ़ा दुनिया का आकर्षण- मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद् प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हमें ना रुकना है, ना पीछे मुड़कर देखना है. हमें लक्ष्य को प्राप्त करना है. पीएम मोदी ने कहा कि देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है. विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है. आज दुनिया भरोसे के साथ भारत की ओर देख रही है. पीएम मोदी ने कहा कि देश आज तेज गति और लो इंफ्लेशन के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है. देश हमें फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी के रूप में मिला था. हम इसे चौथे नंबर तक लेकर आए हैं और बहुत जल्द तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनने की ओर अग्रसर है. पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का पहला क्वार्टर पूरा हो चुका है, लेकिन यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही निर्णायक है, जैसे पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर निर्णायक रहा था. मैं साफ साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ये दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है, उतनी ही तेज गति से आगे बढ़ने वाला है. आज राष्ट्र का हर व्यक्ति ये महसूस कर रहा है कि हम एक अहम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. अब हमें न रुकना है, न पीछे मुड़कर देखना है. हमें तेज गति से चलना है और लक्ष्य प्राप्त करके ही आगे बढ़ना है. उसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. सबसे बड़ी बात विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं. वहां की आबादी उम्र के उस पर पड़ाव पर पहुंची है, हम जिन्हें बुजुर्ग के रूप में जानते हैं. हमारा देश ऐसा है जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है. युवा आबादी वाला देश है.






