Chhattisgarh : DSP कल्पना वर्मा निलंबित, अनुशासनहीनता और लापरवाही पर गिरी गाज

Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में कड़ा संदेश देते हुए दंतेवाड़ा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई कारोबारी दीपक टंडन की ओर से की गई शिकायत के बाद की गई है। कारोबारी दीपक टंडन ने डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्यार में फंसाकर करोड़ों ऐंठने, नक्सलियों की जानकारी को लीक करने का आरोप लगाया था।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद सरकार ने मामले को गंभीर मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय या शासन द्वारा निर्धारित स्थान रहेगा। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान रहेगा।
देखे आदेश

यह है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में जब महिला डीएसपी की पोस्टिंग महासमुंद में थी, तभी उनके एक बैचमेट ने उन्हें होटल कारोबारी दीपक टंडन से मिलवाया था। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे मुलाकातों में बदल गई और माना में स्थानांतरण के बाद रिश्ते और गहरे हो गए। दोनों परिवार भी एक-दूसरे से परिचित हो गए थे। टंडन का कहना है कि वह इस संबंध को व्यापारिक साझेदारी की दृष्टि से देखते थे, जबकि डीएसपी भी किसी नए बिजनेस की शुरुआत के लिए इच्छुक थीं। बातचीत आगे बढ़ी तो डीएसपी ने अपने भाई से जुड़े कुछ आर्थिक मामलों में मदद की बात भी की। विवाद की जड़ वर्ष 2023 में सामने आई, जब रायपुर के एक रेस्टोरेंट एटमास्फेरिया’ को लेकर लगभग 45 लाख रुपये की डील करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
कारोबारी ने लगाया पैसे लेने का आरोप
वहीं कारोबारी का दावा है कि आर्थिक तंगी का हवाला देकर डीएसपी ने उनसे 30 लाख रुपये लिए, जो उन्होंने तत्काल ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। दीपक टंडन का आरोप है कि इस दौरान निजी चैट में डीएसपी ने उनसे परिवार से अलग होने तक की बातें कहीं, जिसे उन्होंने शिकायत के साथ डिजिटल सबूतों के रूप में प्रस्तुत किया है। उनका दावा है कि जब उन्होंने पैसे वापसी और व्यापारिक हिसाब-किताब पर सवाल उठाया तो उन्हें झूठे केस में फँसाने की धमकी मिली।






