Chhattisgarh : जिस स्कूल ने सिखाया ‘गुड टच – बैड टच’ उसी के प्राचार्य ने कर दी हदे पार, छात्राओं ने लगाया गंभीर आरोप

Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल शिक्षा जगत को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि अभिभावकों की नींद भी उड़ा दी है। जिस संस्थान में बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ के बीच का फर्क सिखाकर जागरूक बनाया जाता है, उसी संस्थान के प्राचार्य (प्रिंसिपल) पर एक नाबालिग छात्रा ने मर्यादा लांघने का गंभीर आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल परिसर के भीतर ही प्राचार्य ने छात्रा के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किया। डरी-सहमी छात्रा ने हिम्मत दिखाई और घर पहुंचकर अपने परिजनों को इस आपबीती के बारे में बताया।
परिजनों का आक्रोश
जैसे ही यह बात सामने आई, क्षेत्र में हड़कंप मच गया। गुस्से से भरे परिजनों ने बिना देर किए वाड्रफनगर पुलिस चौकी का रुख किया।पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा
प्रशासन ने इस मामले में बेहद सतर्कता बरती है ताकि छात्रा के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य पर कोई आंच न आए,छात्रा के बयान बेहद सुरक्षित और गोपनीय वातावरण में दर्ज किए गए हैं।कानून के मुताबिक पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में अन्य लोग भी आ सकते हैं। यदि किसी और की संलिप्तता पाई गई, तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
अगर ‘गुरु’ ही भक्षक बन जाए, तो बच्चे अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाएंगे? इस घटना ने स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट और शिक्षकों के व्यवहार की निगरानी पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।






