बिलासपुर संभाग

कौड़िया में भूगर्भ से प्रकट हुए 400 वर्ष प्राचीन शैलेश्वर महादेव — आस्था का अद्भुत केंद्र, महाशिवरात्रि पर उमड़ा जनसैलाब

शैलेश्वर महादेव के दरबार में खाली हाथ कोई नहीं लौटता” — सरपंच प्रतिनिधि धनेश्वर साहू

सीपत (हिमांशु गुप्ता):– महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सीपत से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम कौड़िया में तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेला श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हो गया है। करीब 400 वर्षों से निरंतर लग रहे इस मेले की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है। जैसे ही महाशिवरात्रि की तिथि आती है, पूरा गांव “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठता है और शैलेश्वर महादेव के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ता है। ग्रामीण बुजुर्गों के अनुसार सदियों पूर्व एक व्यक्ति को स्वप्न में संकेत मिला कि भूमि के भीतर भगवान शिव विराजमान हैं। जब उस स्थान को खोदा गया तो वहां से छोटे स्वरूप में स्वयंभू शिवलिंग प्रकट हुआ। तभी से इस दिव्य शिवलिंग को शैलेश्वर महादेव के नाम से पूजा जा रहा है।

मन्नत लेकर आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है — धनेश्वर साहू


ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि धनेश्वर साहू ने बताया कि शैलेश्वर महादेव की महिमा अपार है। उनकी मान्यता है कि यहां जो भी सच्चे मन से मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। विशेष रूप से संतान प्राप्ति की कामना लेकर आने वाले दंपतियों की आस्था यहां गहरी है। धनेश्वर साहू ने आगे बताया, “यहां शिवलिंग को स्पर्श करने पर हर भक्त को अलग अनुभव होता है। जिसे पत्थर का एहसास होगा, उसे पत्थर का स्वरूप और जिसे लकड़ी का एहसास होगा, उसे लकड़ी का स्वरूप अनुभव होता है। यही इस स्थान की दिव्यता और चमत्कारिक महिमा है।


छत्तीसगढ़ ही नहीं, अन्य राज्यों से भी उमड़ती है भीड़


करीब 400 वर्ष पुराने इस दिव्य शिवलिंग के दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु मेले में पहुंचते हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से साफ-सफाई, लिपाई-पुताई, आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई देता है।
महाशिवरात्रि की रात से ही भक्तों का आगमन शुरू हो जाता है। श्रद्धालु रुद्राभिषेक, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर शिवभक्ति में लीन हो जाते हैं। मंदिर परिसर और सड़कों के आसपास जगह-जगह भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जहां भक्तों को प्रसाद वितरित किया जा रहा है।


मेले में झूले, मीना बाजार और खरीदारी की रौनक


तीन दिवसीय मेले में झूला, सर्कस, टॉकीज, मीना बाजार, मनिहारी, मिठाई और कपड़ों सहित विभिन्न दुकानों की चहल-पहल देखी जा रही है। ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से आए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। ग्रामवासियों का सामूहिक सहयोग बना मेले की ताकत
मेले की सुव्यवस्थित व्यवस्था में ग्राम पंचायत एवं समस्त ग्रामवासियों का महत्वपूर्ण योगदान है। सरिता परमेश्वर साहू, उपसरपंच रामदेव भेड़ पॉल, घनश्याम पटेल, भागवत यादव, दिलीप साहू, राजेश सोनी, राजू दास मानिकपुरी, हरप्रसाद राठौर, रमेश यादव, मुख्य पुजारी बसंत कुमार पांडेय, रत्नेश कश्यप, जितेंद्र कुमार नायक, सचिव चमरू पटेल, भीष्म पटेल, चंद्रहास राठौर, तिहारुराम ध्रुव सहित सभी ग्रामीण पूरे उत्साह के साथ आयोजन में जुटे हुए हैं।
ग्राम कौड़िया का यह ऐतिहासिक और चमत्कारिक शैलेश्वर महादेव मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक एकता की अद्भुत मिसाल भी है। महाशिवरात्रि पर यहां उमड़ने वाला जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि श्रद्धा और विश्वास की यह ज्योति सदियों से अनवरत प्रज्वलित है।

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