सीपत में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग : एनटीपीसी परियोजना क्षेत्र के हजारों बच्चों के भविष्य को लेकर दिलेंद्र कौशिल की पहल, राज्य मंत्री तोखन साहू को भेजा ज्ञापन
केवी खुलने से सुधरेगा शिक्षा स्तर , हजारों विद्यार्थियों का भविष्य बनेगा उज्जवल व सुरक्षित

सीपत (हिमांशु गुप्ता) :– विकासखंड मस्तूरी के ग्राम सीपत में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग अब तेज हो गई है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता दिलेंद्र कौशिल ने इस संबंध में भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तोखन साहू को पत्र भेजकर सीपत में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग की है। अपने पत्र में भाजपा नेता दिलेंद्र कौशिल ने उल्लेख किया है कि ग्राम सीपत एवं आसपास की आठ ग्राम पंचायतों को मिलाकर एनटीपीसी का लगभग 4000 मेगावाट क्षमता वाला विशाल ऊर्जा संयंत्र स्थापित है। इस परियोजना के कारण क्षेत्र में जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि प्रतिस्पर्धात्मक दौर में क्षेत्र के बच्चे बेहतर शैक्षणिक संसाधनों के अभाव में पिछड़ते जा रहे हैं। यदि सीपत में एक केंद्रीय विद्यालय खोला जाता है तो न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि हजारों विद्यार्थियों का भविष्य भी सुरक्षित और उज्ज्वल हो सकेगा।

बच्चों का भविष्य सर्वोपरि, अब और प्रतीक्षा नहीं — दिलेंद्र कौशिल
इस मुद्दे पर दिलेंद्र कौशिल ने कहा कि सीपत एनटीपीसी परियोजना के कारण राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में हम अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हजारों कर्मचारियों और स्थानीय परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है। केंद्रीय विद्यालय की स्थापना यहां की समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होगी। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र की जनता इस मांग को लेकर पूरी तरह एकजुट है और केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल की अपेक्षा रखती है।
जनभावनाओं से जुड़ी मांग , अब निगाहें सरकार के निर्णय पर
सीपत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस मांग को लेकर व्यापक समर्थन देखा जा रहा है। स्थानीय अभिभावकों का मानना है कि केंद्रीय विद्यालय खुलने से बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी वातावरण मिलेगा। दिलेंद्र कौशिल ने पत्र के माध्यम से यह भी भरोसा दिलाया है कि यदि सरकार इस दिशा में पहल करती है तो क्षेत्र की जनता सदैव आभारी रहेगी। सीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को लेकर उठी यह मांग अब शासन-प्रशासन के पाले में है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। सीपत की धरती से उठी यह आवाज अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है—अब देखना है कि शिक्षा के इस मुद्दे पर सरकार कब ठोस कदम उठाती है।






