छत्तीसगढ़रायपुर संभाग

छत्तीसगढ़ में अब बार-क्लब खोलना हुआ आसान, नई आबकारी नीति के जरिए सरकार का बड़ा ‘चीयर्स’

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की नई आबकारी नीति (2026-27) के जरिए व्यापार जगत को एक बड़ा ‘चीयर्स’ दिया है। सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों के लिए रेड कार्पेट बिछाते हुए लाइसेंस फीस में भारी कटौती की है।

अगर आप छत्तीसगढ़ के आतिथ्य सत्कार (Hospitality) क्षेत्र में निवेश का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। आइए जानते हैं इस नई नीति के प्रमुख आकर्षण:

लाइसेंस फीस में ‘बंपर डिस्काउंट’
बड़े शहरों में अब बार खोलना जेब पर कम भारी पड़ेगा। सरकार ने सीधे 6 लाख रुपये की बचत का इंतजाम किया है:

7 लाख+ आबादी वाले शहर:
रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों में FL-2 (क) और FL-3 (क) लाइसेंस की फीस 24 लाख से घटाकर 18 लाख रुपये कर दी गई है।

3-स्टार होटल्स की मौज:
थ्री-स्टार और उससे ऊपर की कैटेगरी वाले होटलों को भी फीस में विशेष रियायत दी गई है।

रायपुर एयरपोर्ट पर छलकेगा जाम!
अब स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट (रायपुर) पर फ्लाइट का इंतजार करना बोरियत भरा नहीं होगा।

पायलट प्रोजेक्ट:
साल 2026-27 के लिए एयरपोर्ट पर विदेशी शराब (FL-1) परोसने की अनुमति दी गई है।

नया अनुभव:
एयरपोर्ट अथॉरिटी की NOC मिलते ही यात्री वहां के रेस्टोरेंट्स में प्रीमियम ड्रिंक्स का आनंद ले सकेंगे। इससे पर्यटन और राज्य की छवि दोनों को ‘ग्लोबल’ टच मिलेगा।

‘Ease of Doing Business’ पर जोर
सरकार ने केवल फीस ही नहीं घटाई, बल्कि बैंक गारंटी की राशि को भी कम कर दिया है।

फायदा :
नए कारोबारियों को शुरुआत में मोटी रकम जमा नहीं करनी होगी, जिससे वे अपने बिजनेस की क्वालिटी और सर्विस पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे।

अनुशासन में कोई समझौता नहीं
भले ही फीस कम हुई हो, लेकिन ‘नियमों की घड़ी’ वैसी ही रहेगी।

समय सीमा :
पूरे प्रदेश में बार संचालन का समय सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही रहेगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि व्यापार को बढ़ावा देने का मतलब अनुशासन में ढील देना कतई नहीं है।

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news36Desk

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