छत्तीसगढ़ के इस स्कूल में 35 से ज्यादा बच्चों ने ब्लेड से काटे अपने हाथ, वजह जान कर रह जाऐंगे दंग

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद स्थित दहदहा मिडिल स्कूल की घटना के झकझोर कर रख दिया है जहाँ बचपन की मासूमियत और भविष्य का उजाला एक खतरनाक धुंध में खोता नजर आ रहा है। 35 बच्चों द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने न केवल धमतरी जिले को हिला दिया है, बल्कि हर उस व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया है जो खुद को सुरक्षित समझ रहा था।
दहदहा की ‘लाल लकीरें’: क्या यह कोई घातक खेल है?
घटना की शुरुआत किसी को भनक लगे बिना करीब 15-20 दिन पहले हुई थी। लेकिन जब 13 फरवरी को स्कूल के गलियारों में बच्चों की आस्तीनें ऊपर हुईं, तो सबके होश उड़ गए। एक-दो नहीं, बल्कि 35 छात्र-छात्राओं के हाथों पर ब्लेड से कटे हुए निशानों का जाल बिछा था।
सबसे डरावना सच यह है कि यह किसी एक बच्चे की सनक नहीं, बल्कि एक ‘संक्रामक प्रवृत्ति’ की तरह फैला। बच्चों ने “एक-दूसरे को देखकर” खुद को लहूलुहान किया। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसकी जड़ कहाँ है?
- क्या यह कोई सोशल मीडिया चैलेंज (जैसे ब्लू व्हेल या मोमो चैलेंज) का असर है?
- या फिर यह किशोर उम्र में साथी दबाव (Peer Pressure) का एक वीभत्स रूप है?
नशे का जाल: क्या बचपन को ‘सफेद गोलियों’ ने निगल लिया?
क्षेत्रीय BMO ने एक बेहद गंभीर आशंका जताई है। जांच के तार गाँव के आसपास फल-फूल रहे अवैध नशे के कारोबार से जुड़ रहे हैं।
| मुख्य आशंका | विवरण |
| नशीली गोलियां | क्या इन मासूमों को किसी ऐसी दवाई का आदी बनाया गया जो दर्द का एहसास खत्म कर देती है? |
| अवैध शराब | गाँव की गलियों में बिकता जहर अब स्कूल की दहलीज लांघ चुका है। |
| मानसिक दबाव | बिना किसी ठोस कारण के खुद को जख्मी करना किसी गहरे मनोवैज्ञानिक अवसाद या नशे के प्रभाव की ओर इशारा करता है। |
प्रशासन का ‘डैमेज कंट्रोल’ मोड
खबर फैलते ही धमतरी प्रशासन हरकत में आया है। 16 फरवरी को स्कूल में एक सघन अभियान चलाया गया:
- विशेष काउंसलिंग : मनोवैज्ञानिकों की टीम ने बच्चों और उनके माता-पिता से बात कर उनके मन को टटोलने की कोशिश की।
- सख्त निगरानी: BEO ने शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे अब केवल पाठ्यक्रम न पढ़ाएं, बल्कि बच्चों के शरीर और व्यवहार में होने वाले मामूली बदलावों पर भी पैनी नजर रखें।
- कानूनी जांच: कुरुद तहसीलदार इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि इसकी शुरुआत करने वाला ‘मास्टरमाइंड’ कौन था।
पालकों के लिए चेतावनी: आपके बच्चे को आपकी जरूरत है
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर माता-पिता के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है। अगर आपके बच्चे में ये लक्षण दिखें, तो सतर्क हो जाएं:
- अचानक व्यवहार में बदलाव आना या गुमसुम रहना।
- गर्मी के मौसम में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनना (निशान छिपाने के लिए)।
- पढ़ाई या खेलकूद से अचानक रुचि खत्म हो जाना।






