छत्तीसगढ़ बनेगा कांग्रेस का ‘ट्रेनिंग सेंटर’: 3 राज्यों के 100 से ज्यादा जिलाध्यक्षों को गुरुमंत्र देंगे राहुल और खड़गे

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए एक भव्य प्रशिक्षण शिविर (Training Camp) का आयोजन होने जा रहा है। इस शिविर की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा और झारखंड के जिलाध्यक्ष भी शामिल होंगे।
आलाकमान से मिले संकेत, रायपुर में तैयारी तेज
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज के अनुसार संगठन को वैचारिक और रणनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हाईकमान से हरी झंडी मिल गई है। बैज ने कहा, “हमें आलाकमान से संकेत मिल चुके हैं। फिलहाल हम ट्रेनिंग के लिए उपयुक्त जगह का चयन कर रहे हैं। जल्द ही स्थान और तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।”
10 दिनों की होगी ‘पाठशाला’
यह कोई सामान्य बैठक नहीं बल्कि 10 दिनों का विस्तृत प्रशिक्षण सत्र होगा। इसमें तीनों राज्यों के 100 से अधिक जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। इस दौरान संगठन को चलाने, जनता के बीच पैठ बनाने और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमीनी स्तर पर मोर्चा खोलने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
दिल्ली से दिग्गज नेता आएंगे
ट्रेनिंग देने के लिए दिल्ली से कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा छत्तीसगढ़ में लगेगा। दीपक बैज के मुताबिक मल्लिकार्जुन खड़गे (राष्ट्रीय अध्यक्ष) संगठन की बारीकियों और एकता का पाठ पढ़ाएंगे वहीं राहुल गांधी जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे और ‘मोहब्बत की दुकान’ के विजन को जमीनी स्तर पर उतारने की रणनीति साझा करेंगे। इनके अलावा एआईसीसी (AICC) के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और रणनीतिकार भी क्लास लेने रायपुर पहुंचेंगे।
मिशन 2028 और संगठन मजबूती पर जोर
सूत्रों की मानें तो इस ट्रेनिंग कैंप का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की वापसी की जमीन तैयार करना और झारखंड-ओडिशा में संगठन को पुनर्जीवित करना है। जिलाध्यक्षों को ‘रिपोर्ट कार्ड’ के आधार पर काम करने और जनता के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने का टास्क दिया जाएगा।






