छत्तीसगढ़ का ‘वोटर रिफ्रेश बटन’- कहीं खुशियों की बाढ़, कहीं नामों का अकाल!

छत्तीसगढ़ की राजनीति के गलियारों में इन दिनों चर्चा ‘नेताओं’ की नहीं, बल्कि ‘नंबरों’ की है। निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जो झाड़ू चलाया है, उसने प्रदेश की मतदाता सूची को एकदम ‘चकाचक’ कर दिया है। 27 हजार से ज्यादा BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) ने चार महीनों तक घर-घर की कुंडी खटखटाकर जो डेटा निकाला, उसने कई रोचक आंकड़े सामने रखे हैं।
दुर्ग का ‘दबदबा’ और रायपुर की ‘कंजूसी’
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा सुर्खियां दुर्ग बटोर रहा है। लगता है दुर्ग वालों ने ठान लिया है कि लोकतंत्र में उनकी आवाज सबसे बुलंद रहेगी, तभी तो वहां 30 हजार नए वोटर्स जुड़ गए। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है!
वहीं दूसरी ओर, राजधानी रायपुर का हाल देखकर तो यही लगता है कि यहां के लोग या तो पहले से ही ‘अपडेटेड’ थे या फिर नए वोटर्स ने फॉर्म भरने में थोड़ी आलस दिखा दी। रायपुर में मात्र 521 नए नाम जुड़े! 30 हजार बनाम 521,रायपुर वालों, थोड़ा उत्साह तो दिखाइए!
‘सफाई अभियान’ में कटे 1 लाख नाम
लोकतंत्र की इस डिजिटल सफाई में करीब 1 लाख 8 हजार मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। इनमें वे हैं जो अब इस दुनिया में नहीं रहे, या जिन्होंने अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर दूसरे शहर का रुख कर लिया है।
दिलचस्प बात ये है कि नाम काटने के मामले में रायपुर ने बाजी मारी है। यहाँ 30 हजार लोगों के नाम कटे हैं। यानी रायपुर में ‘एंट्री’ भले ही कम हुई हो, लेकिन ‘एग्जिट’ का दरवाजा काफी बड़ा था। कोरबा (15 हजार) और दुर्ग (7 हजार) भी इस सफाई अभियान में पीछे नहीं रहे।
BLO की ‘मिशन इम्पॉसिबल’ वाली मेहनत
सोचिए, 27,196 जांबाज अधिकारियों ने गलियों की खाक छानी, कुकुरमुत्तों की तरह उगती कॉलोनियों में घर ढूंढे और 1.84 करोड़ फॉर्म्स का डिजिटलीकरण किया। यह किसी ‘मिशन इम्पॉसिबल’ से कम नहीं था। 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ यह सफर 21 फरवरी 2026 को अपनी मंजिल पर पहुंचा है। अब स्थिति यह है कि प्रदेश में कुल 1 करोड़ 87 लाख 30 हजार 914 ‘भाग्य विधाता’ तैयार बैठे हैं।
अब आपकी बारी : कहीं आप ‘गायब’ तो नहीं?
सरकार ने तो लिस्ट जारी कर दी, राजनीतिक दलों को ‘फ्री’ में कॉपियां भी बांट दीं, लेकिन असली सवाल आपके लिए है—क्या आपका नाम लिस्ट में है? कहीं ऐसा न हो कि वोटिंग के दिन आप सज-धज कर पोलिंग बूथ पहुंचें और वहां पता चले कि SIR की सफाई में आपका नाम भी ‘शिफ्ट’ हो गया है। इसलिए, फौरन ceochhattisgarh.nic.in पर जाकर अपना नाम चेक कर लें। अगर नाम कट गया है, तो डरने की बात नहीं है; फॉर्म-6 अभी भी आपका इंतजार कर रहा है।






