छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री के बेटे ने शराब के नशे में दुकान में टक्कर मारकर की जमकर मारपीट


छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के बेटे संदीप कंवर ने कोरबा में शराब के नशे में सड़क किनारे लगे एक दुकान को टक्कर मारने के बाद दुकानदार के साथ जमकर मारपीट की है । घटना के बाद पुलिस कार्रवाई करती, उससे पहले ही संदीप कंवर ने कोतवाली थाने में बवाल मचाकर मौके से कार लेकर निकल गया। इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक रसूख के सामने बेबस कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।
मिली जानकारी के अनुसार ये पूरा घटनाक्रम कोरबा के कोतवाली थाना क्षेत्र के पुराना बस स्टैंड के पास का है। बताया जा रहा है कि संदीप कंवर शराब के नशे में स्वीफ्ट डिजायर कार चला रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक सेवई की दुकान से जा टकराई। यह दुकान एक महिला पुलिस कांस्टेबल के पिता की बताई जा रही है। अचानक हुई इस घटना से दुकान को नुकसान पहुंचा और आसपास मौजूद लोग भी दहशत में आ गए। घटना के बाद जब दुकान संचालक बुजुर्ग अजीम कुरैशी ने संदीप कंवर को समझाने की कोशिश की तो मामला शांत होने के बजाय और बिगड़ गया। आरोप है कि नशे में धुत संदीप कंवर ने बुजुर्ग के साथ मारपीट कर दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और संदीप कंवर को कार सहित कोतवाली थाने ले जाया गया।
मूकदर्शक बनी रही पुलिस
बताया जा रहा है कि थाने पहुंचने के बाद भी संदीप कंवर का व्यवहार आक्रामक ही बना रहा। शराब के नशे में उन्होंने पुलिस अधिकारियों के सामने ही गाली-गलौच शुरू कर दी। इस दौरान कुछ समर्थक भी थाने पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक समर्थकों ने संदीप कंवर को कार में बैठाया और थाने से लेकर चले गए, जबकि पुलिस अधिकारी मौके पर मूकदर्शक बने रहे। यह पूरा घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर किसी आम व्यक्ति द्वारा शराब के नशे में इस तरह की घटना की जाता तो संभवतः उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होती।
इससे पहले भी नशे में मचा चुके है हंगामा
ननकी राम कंवर के बेटे संदीप कंवर का शराब के नशे में हंगामा मचाने का वीडियो इससे पहले भी सामने आया है जिसमें संदीप कंवर कोतवाली थाना अंतर्गत बस स्टैंड के समीप बीच सड़क पर बस के सामने लेट गए और बस के चालक को नीचे उतारने की बात कह रहे थे।


उस समय भी संदीप कंवर का नशे की हालत में किसी बस चालक से विवाद हो गया था। इस बात को लेकर वो चालक को बार-बार बुलाने की जिद कर रहे थे और बार-बार बस के सामने सड़क पर लेट जा रहे थे। लोग संदीप कंवर के हाथ-पांव जोड़ रहे थे लेकिन वो नही मान रहे थे।








