छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत, आज 29 गौधामों का उद्घाटन करेंगे CM विष्णु देव साय


रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण के लिए बड़ी पहल करते हुए Gaudham Yojana की शुरुआत कर रही है। इस योजना का औपचारिक शुभारंभ आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रेक्षागार में आयोजित कार्यक्रम से करेंगे। इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में बनाए गए कुल 29 गौधामों का भी शुभारंभ किया जाएगा।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी Gaudham Yojana के तहत राज्य के प्रत्येक विकासखंड में 10 गौधाम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अनुसार पूरे छत्तीसगढ़ में कुल 1460 गौधाम बनाए जाएंगे। इन गौधामों में गौवंश के लिए शेड, फेंसिंग, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो सके।
पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब तक 36 गौधामों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें से 29 गौधामों का पंजीयन छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग में किया जा चुका है। इनका औपचारिक उद्घाटन 14 मार्च 2026 को बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम लाखासार से मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। साथ ही 10 अन्य जिलों में स्थित 28 गौधामों का उद्घाटन वर्चुअल माध्यम से किया जाएगा।
योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। Gaudham Yojana के अंतर्गत इन गौधामों का संचालन पंजीकृत गौशाला समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों और सहकारी समितियों द्वारा किया जाएगा।
सरकार गौधामों के संचालन के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। इसके तहत पहले वर्ष प्रति पशु 10 रुपये प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा अधोसंरचना निर्माण व मरम्मत के लिए हर साल 5 लाख रुपये, चरवाहों को 10,916 रुपये और गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।







