Chhattisgarh : महिला टीचर बोली हो गया मेरा किडनेप…मांग रहे है 5 लाख…बाद में लड़के के साथ घूमते मिली

Chhattisgarh : भिलाई के शांत सेक्टर-8 से उठी एक खबर ने पूरे शहर का सन्नाटा तोड़ दिया। मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाने वाली महिला टीचर के कथित किडनैपिंग की सूचना जैसे ही फैली, पुलिस महकमे से लेकर आम लोगों तक सब दहशत में आ गए, क्योंकि मामला फिरौती की मांग और अपहरण से जुड़ा बताया गया। कुछ ही घंटों में यह कहानी ऐसा मोड़ लेगी, किसी ने सोचा भी नहीं था।
सुबह की शुरुआत, शाम तक सस्पेंस
भिलाई के कैंप-1 में रहने वाली 43 वर्षीय राधा साहू रोज की तरह सुबह घर से निकली, उसे सेक्टर-8 के मूक-बधिर स्कूल में बच्चों को पढ़ाने जाना था। रास्ता रोज का, तरीका रोज का – घर से निकलकर ऑटो से स्कूल, लेकिन उस दिन न वह स्कूल पहुंची और न ही पति के फोन पर उसकी कोई खबर मिली। कुछ देर बाद स्कूल से फोन आया कि मैडम आज नहीं आईं, बस यहीं से पति मुकेश साहू की चिंता डर में बदल गई और तलाश शुरू हो गई।
मोबाइल मैसेज और फिरौती का खेल
तलाश के बीच मुकेश के मोबाइल पर एक मैसेज आता है – जिसमें दावा किया जाता है कि उसकी पत्नी का किडनैप हो चुका है। मैसेज भेजने वाले ने सबूत के तौर पर राधा के मुंह पर पट्टी बंधी तस्वीर भी भेज दी, जिसमें वह किसी पेड़ के नीचे बंधी हुई नजर आती है, और साथ में साफ लिखा था – 5 लाख रुपये दो, तभी तुम्हारी पत्नी को छोड़ा जाएगा। अचानक यह मामला एक आम गुमशुदगी से हाई प्रोफाइल किडनैपिंग में बदल गया।
पुलिस अलर्ट, टीमें एक्टिव
मुकेश सीधे छावनी थाने पहुंचा और पूरी बात पुलिस को बताई। अपहरण, बंधक बनाकर रखने और 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग जैसी गंभीर बात सुनते ही पुलिस ने वक्त गंवाए बिना कई टीमें बना दीं और लोकेशन, कॉल डिटेल, मैसेज ट्रेस जैसे सारे तकनीकी सुरागों पर काम शुरू कर दिया। भिलाई में तेजी से यह खबर फैलने लगी कि स्कूल टीचर का किडनैप हो गया है, जिससे लोगों में भी हड़कंप मच गया।
कहानी में अचानक ट्विस्ट
कुछ ही घंटे की जांच के बाद मामला बिल्कुल अलग दिशा में मुड़ता दिखा। पुलिस ने राधा साहू को सकुशल बरामद कर लिया, लेकिन वह अकेली नहीं थी, बल्कि एक युवक के साथ घूमती हुई मिली। जब दोनों को पकड़ा गया और किडनैपिंग व फिरौती की बात पूछी गई, तो उनके जवाब शुरू से ही गोलमोल रहे, जिसकी वजह से पूरा मामला संदिग्ध लगने लगा।
क्या वाकई किडनैपिंग हुई थी?
पुलिस फिलहाल इस मामले को सीधा अपहरण मानने से बच रही है। प्राथमिक जांच के बाद भी अधिकारी साफ-साफ कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं कि ये असली किडनैपिंग थी या फिर कोई सोची-समझी साजिश, ड्रामा या निजी संबंधों से जुड़ा मामला। महिला और युवक दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है, ताकि फोटो, मैसेज और फिरौती की स्टोरी के पीछे की असली कड़ी सामने आ सके।
पुलिस की आधिकारिक जानकारी
दुर्ग एएसपी सुखनंदन राठौर ने पुष्टि की कि छावनी थाना क्षेत्र में महिला टीचर के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और एक संदिग्ध युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि मामला क्या है।
सोशल मीडिया और समाज के लिए सवाल
यह पूरा प्रकरण कई सवाल छोड़ जाता है – क्या यह वाकई संगठित किडनैपिंग का मामला था या किसी निजी रिश्ते, अविश्वास या प्लानिंग का नतीजा? पुलिस की तफ्तीश आगे जैसी भी नतीजों पर पहुंचे, लेकिन सोशल मीडिया पर इस तरह की घटनाएं तेजी से वायरल होती हैं और आधी-अधूरी तस्वीरें लोगों के दिमाग में अलग-अलग कहानियां गढ़ देती हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक जानकारी के बिना निष्कर्ष पर पहुंचना न सिर्फ गलत हो सकता है, बल्कि किसी की छवि और करियर पर भी बड़ा असर डाल सकता है






