छत्तीसगढ़ में NIGHT SHIFT करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए GOOD NEWS…जाने क्या हुआ बदलाव

छत्तीसगढ़ श्रम विभाग ने दुकान एवं स्थापना नियमों में संशोधन कर महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नाइट ड्यूटी संबंधी नई शर्तें लागू की हैं। अब रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाओं को नियोजित करने वाले नियोजकों को सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की अनिवार्य व्यवस्था करनी होगी। एक श्रम कानून विशेषज्ञ के नजरिए से यह बदलाव कार्यस्थल पर लैंगिक सुरक्षा, POSH एक्ट 2013 के पालन और संगठित-असंगठित दोनों सेक्टरों में सुरक्षित नाइट शिफ्ट संस्कृति बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
नाइट शिफ्ट में महिला सुरक्षा के नए नियम
रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक महिला कर्मकारों को केवल तय शर्तों के पालन पर ही नाइट ड्यूटी में लगाया जा सकेगा। नाइट शिफ्ट के बाद महिला कर्मचारी को कार्यस्थल से उसके घर तक पहुँचाने के लिए पुलिस सत्यापित वाहन और सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था अनिवार्य होगी। वाहन, चालक और सुरक्षा गार्ड का पूरा विवरण नियोजक के रिकॉर्ड में सुरक्षित रखना होगा, ताकि किसी विवाद या घटना की स्थिति में ट्रेसबिलिटी बनी रहे। नाइट शिफ्ट में कम से कम 3 महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि अकेली महिला को अलग-थलग न छोड़ा जाए।
कार्यस्थल की अनिवार्य सुविधाएँ और कानूनी अनुपालन
कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए अलग शौचालय व मूत्रालय की व्यवस्था होगी, जिसमें केवल अंदर से लगने वाली सुरक्षा सिटकनी रहेगी। पेयजल, विश्राम कक्ष और पर्याप्त रोशनी व हवा जैसी बुनियादी सुविधाएँ उसी परिसर में उपलब्ध कराना नियोजक की जिम्मेदारी होगी। POSH अधिनियम 2013 के सभी प्रावधानों का पालन अनिवार्य है, और महिला कर्मकारों के लिए शिकायत पेटी भी लगानी होगी। मातृत्व हितलाभ अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ किसी ठेकेदार के माध्यम से महिला का नियोजन नहीं किया जा सकेगा।
रिपोर्टिंग, सहमति और सुरक्षा प्रोटोकॉल
▶नाइट शिफ्ट में महिला कर्मकारों की नियुक्ति से पहले नियोजक को श्रम विभाग के वेब पोर्टल पर निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से ऑनलाइन सूचना देनी होगी।
▶रात्रिकालीन नियोजन के लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति प्ररूप-6 में लेना आवश्यक होगा।
▶प्रत्येक दुकान/स्थापना में स्थानीय पुलिस थाना, पुलिस कंट्रोल रूम और महिला सहायता केंद्र का संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा।
▶जहां लगातार खड़े होकर काम कराया जाता है, वहां प्रत्येक कर्मकार के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था तथा आग से सुरक्षा के पर्याप्त प्रावधान करना अनिवार्य है।






