चैतन्य बघेल की रिहाई आज, कांग्रेस का आरोप सरकार जानबूझकर करवाई जा रही है रिहाई में देरी

रायपुर। बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की आज रिहाई होने जा रही है। बिलासपुर हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 170 दिन बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है मामला
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और ईओडब्ल्यू–एसीबी ने छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला केस में मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों में जुलाई 2025 में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि 2019 से 2023 के बीच हुए कथित हजारों करोड़ के शराब घोटाले में अवैध कमाई को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के जरिए सफेद दिखाने की कोशिश की गई, जिसके सिलसिले में चैतन्य पर करोड़ों की रकम के लेन–देन में शामिल होने के आरोप हैं।
हाई कोर्ट से मिली राहत
जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने चैतन्य बघेल को ईडी और ईओडब्ल्यू–एसीबी दोनों मामलों में जमानत मंजूर की है, जिसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना, खासकर तब जब ट्रायल जल्द पूरा होने की संभावना न हो, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकार के खिलाफ है और न्यायालय की भूमिका दंडात्मक नहीं बल्कि संवैधानिक संतुलन बनाए रखने की है।
रायपुर जेल के बाहर उत्साह
चैतन्य बघेल की रिहाई की खबर के बाद रायपुर केंद्रीय जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जुटना शुरू हो गया है, जहां समर्थक ढोल–नगाड़ों और बैनर–पोस्टर के साथ उनके स्वागत की तैयारी में दिख रहे हैं। रायपुर जिला कोर्ट में जमानती दस्तावेजों की जांच, रिलीज़ वारंट और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं, जिसके बाद उन्हें जेल प्रबंधन की प्रक्रिया के अनुसार रिहा किया जाएगा।
कांग्रेस का आरोप, सरकार पर निशाना
शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने आरोप लगाया कि हाई कोर्ट से जमानत आदेश आने के बावजूद चैतन्य बघेल की रिहाई में “अनावश्यक देरी” की जा रही है, जबकि कानूनी औपचारिकताएं कल ही पूरी हो जानी चाहिए थीं। मेनन ने कहा कि सरकार चाहे जितनी देरी करा ले, सत्य को दबाया नहीं जा सकता और हाई कोर्ट का फैसला इस बात का संकेत है कि आरोपों के पीछे राजनीतिक बदले की भावना का एंगल भी जांच के दायरे में है, जिसे जनता अच्छे से देख और समझ रही है।






