‘सम्मान नहीं दे सकते तो बुलाया मत करो…’, समाज के कार्यक्रम में भड़के भूपेश बघेल

बालोद के सरदार पटेल मैदान में आयोजित कुर्मी क्षत्रिय समाज के वार्षिक सम्मेलन में उस वक्त हंगामा हो गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच पर ही पदाधिकारियों से भिड़ गए। किसानों के मुद्दे पर टोकने से नाराज बघेल ने दो टूक कहा, “सम्मान नहीं दे सकते तो बुलाया मत करो।”
इसलिए मंच पर भड़के भूपेश बघेल?
कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल मंच से संबोधित कर रहे थे। जब उन्होंने किसान और धान खरीदी के मुद्दों पर बात शुरू की, तो समाज के कुछ पदाधिकारियों ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। पदाधिकारियों का तर्क था कि यह एक सामाजिक मंच है और यहाँ राजनीतिक चर्चा नहीं होनी चाहिए।
इसी बात पर पूर्व मुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि किसानों के हक की बात करना राजनीति कैसे हो गई?उन्होंने कटाक्ष किया कि “दूसरे दल के जो लोग यहाँ बैठे हैं, उन्हें मेरी बातों से ‘मिर्ची’ लग रही है, पर मैं चुप नहीं रहूँगा।”
बघेल ने समाज को नसीहत देते हुए कहा कि यदि आप किसी को अतिथि के रूप में बुलाते हैं, तो सम्मान देना सीखिए।
खेद व्यक्त नहीं करूँगा
संबोधन खत्म करने के बाद भी बघेल के तेवर नरम नहीं पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बातों से जिन्हें भी तकलीफ हुई है, उसके लिए वे कोई माफी या खेद प्रकट नहीं करेंगे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर मंच पर बुलाकर बोलने से रोकना ही है, तो भविष्य में उन्हें न बुलाया जाए।
भाजपा सरकार पर बोला हमला
विवाद के बीच भूपेश बघेल ने प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने धान खरीदी की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए उन्होंने कहा कि प्रदेश में “30 करोड़ का धान चूहे खा गए” और बालोद जैसे जिलों में धान से लदे ट्रक गायब हो रहे हैं, जो बाद में जंगलों में लावारिस मिलते हैं।बघेल ने सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए कहा कि तय समय पर धान खरीदी पूरी नहीं हो पाएगी और लगभग 30 प्रतिशत किसान अपना धान बेचने से वंचित रह जाएंगे।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जानबूझकर किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है।





