छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बच्चों का भविष्य! मिडिल स्कूल का भवन 15 साल में जर्जर, प्राइमरी स्कूल में लग रही क्लास

Surguja: सरगुजा जिले के अड़ची ग्राम पंचायत में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की हालत बेहद खराब है. यहां पर सरकारी स्कूल में बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है, क्योंकि यहां बने मीडिल स्कूल का भवन 15 साल में ही पूरी तरह जर्जर हो गई और अब प्राइमरी स्कूल भवन में मीडिल स्कूल की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है. ऐसे में न तो ठीक तरीके से प्राइमरी स्कूल के बच्चे पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही मीडिल स्कूल के स्टूडेंट.

मीडिल स्कूल का भवन 15 साल में जर्जर
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत सरगुजा कलेक्टर से की है और कहा है कि उनके गांव में स्कूल बिल्डिंग का निर्माण कराया जाए क्योंकि स्कूल बिल्डिंग नहीं होने के कारण अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ने के लिए यहां नहीं भेज रहे हैं. हर साल लगातार मीडिल स्कूल में छात्रों की संख्या घटती जा रही है. इस साल महज 39 बच्चे ही मिडिल स्कूल में पढ़ रहे हैं. जबकि स्कूल में हेड मास्टर सहित तीन शिक्षक पदस्थ हैं और उनके वेतन में हर साल सरकार को करीब 20 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ रहा है मतलब आप समझ सकते हैं कि एक बच्चे की पढ़ाई में सरकार को यहां ₹50000 देने पड़ रहे हैं उसके बावजूद बच्चों को सही शिक्षा बिल्डिंग के अभाव में नहीं मिल पा रही है.

दो साल से प्राइमरी स्कूल में लग रही मिडिल की क्लास
मीडिल स्कूल का संचालन यहां पर आदिवासी विकास विभाग के द्वारा किया जा रहा है, यानी इस स्कूल पर आदिवासी विकास विभाग की निगरानी है लेकिन यह सिर्फ कागजों में है और यही वजह है कि अब तक मिडिल स्कूल भवन का निर्माण नहीं हुआ है और 2 साल से ऐसी तस्वीर बनी हुई है.

गांव के लोगों का कहना है कि वर्ष 2010 में ठेकेदार के द्वारा मीडिल स्कूल भवन का निर्माण किया गया था लेकिन तब निर्माण इतना घटिया किया गया कि भवन कुछ साल बाद ही जर्जर होना शुरू हो गया और इसी वजह से छत में सीपेज की समस्या शुरू हुई, उसके बाद प्लास्टर टूट कर नीचे गिरने लगा और दीवार क्रेक हो गया. अब इसी का खामियाजा गांव के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है.

ख़बर को शेयर करें

Regional Desk

Regional Desk में अनुभवी पत्रकारों और विषय विशेषज्ञों की पूरी एक टीम है जो देश दुनिया की हर खबर पर पैनी नजर बनाए रखते है जो आपके लिए लेकर आते है नवीनतम समाचार और शोधपरक लेख
Back to top button