छत्तीसगढ़ विधानसभा : नक्सलवाद पर लखमा की ‘बधाई’ और सरकार पर ‘अत्याचार’ के आरोप


छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बस्तर और नक्सलवाद के मुद्दे पर सदन का माहौल काफी गर्माया रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा के बयानों ने एक ओर जहां सरकार की सराहना की, वहीं दूसरी ओर तीखे आरोपों से सत्ता पक्ष को कटघरे में भी खड़ा किया।
रायपुर: विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में उस समय दिलचस्प स्थिति निर्मित हो गई जब पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने नक्सलवाद के मोर्चे पर साय सरकार की तारीफ की, लेकिन अगले ही पल आदिवासियों के हितों को लेकर गंभीर आरोप जड़ दिए।
नक्सलवाद के खात्मे पर गृह मंत्री को दी बधाई
सदन में चर्चा के दौरान कवासी लखमा ने स्वीकार किया कि बस्तर में अब हालात बदल रहे हैं। उन्होंने कहा:”प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद अब खत्म होने की दिशा में है।”उन्होंने इसके लिए राज्य के गृह मंत्री को बधाई देते हुए कहा कि बस्तर के लोग अब शांति से जीने लगे हैं।लखमा ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि बस्तर से नक्सलवाद इस तरह खत्म होगा।
अंग्रेजों से भी ज्यादा अत्याचार” का लगाया आरोप
प्रशंसा के तुरंत बाद लखमा ने कड़े तेवर अपनाते हुए सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया किवर्तमान सरकार के कार्यकाल में आदिवासियों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा अत्याचार हो रहा है।एक आदिवासी मुख्यमंत्री (विष्णुदेव साय) के रहते हुए भी आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं।बस्तर में आयोजित होने वाले ‘पंडुम’ कार्यक्रमों के नाम पर आदिवासियों को आपस में ही लड़ाया जा रहा है।
RSS पर षड्यंत्र का आरोप और सदन में हंगामा
कवासी लखमा ने इन गतिविधियों के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का षड्यंत्र होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि समाज को आपस में भिड़ाने की कोशिश की जा रही है। लखमा के इन आरोपों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने मोर्चा संभालते हुए इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया। इस विषय को लेकर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही।








