न एमपी से और न छत्तीसगढ़ से… अब मै कभी राज्यसभा नहीं जाऊंगा, नए लोगो को मौका – दिग्विजय सिंह


राजधानी रायपुर पहुंचे दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज़ में नजर आए। उन्होंने न केवल अपने राजनीतिक भविष्य की तस्वीर साफ की, बल्कि नक्सलवाद से लेकर ‘भारत बनाम अमेरिका’ की ट्रेड डील तक, हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
“अब बहुत हुआ… अब नए चेहरों की बारी!”
जब पत्रकारों ने दिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या वे छत्तीसगढ़ के कोटे से राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए इस पर पूर्णविराम लगा दिया। उन्होंने कहा कि “जब मध्य प्रदेश में एक सीट खाली है, तो छत्तीसगढ़ क्यों आऊंगा?”
संन्यास के संकेत?
दिग्विजय सिंह ने साफ कहा कि वे 5 बार विधायक, 2 बार लोकसभा सांसद और 2 बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। अब उनकी कुर्सी मोह खत्म हो चुकी है और वे चाहते हैं कि युवा और नए लोगों को मौका मिले।
नक्सलवाद पर ‘रास्ते’ और ‘इरादे’ की बात
नक्सलवाद के खात्मे के लिए अमित शाह की गाइडलाइन पर जब सवाल हुआ, तो दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस का स्टैंड क्लियर किया”कांग्रेस ने कभी हिंसा का साथ नहीं दिया। नक्सलियों के मुद्दे या उद्देश्य सही हो सकते हैं, लेकिन उनके हिंसक रास्ते पूरी तरह गलत हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आदिवासी इलाकों में स्थानीय प्रशासन द्वारा नियमों की अनदेखी और आदिवासियों के हक के उल्लंघन की वजह से ही नक्सलवाद पनपा है।
“नाम बदलने से मुद्दे नहीं बदलते”
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। वे बस सड़कों और जगहों के नाम बदलकर अपनी नाकामियां छिपा रहे हैं।
“गुलामी की ओर बढ़ता भारत?” (ट्रेड डील पर हमला)
भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील को लेकर दिग्विजय सिंह ने बेहद गंभीर और तीखा आरोप लगाया। उन्होंने कहा बीजेपी सरकार भारतीय किसानों के हितों की बलि देकर अमेरिका को फायदा पहुँचा रही है,उनका सीधा आरोप था कि इन समझौतों के जरिए “बीजेपी देश को अमेरिका का गुलाम बना रही है।








