छत्तीसगढ़ विधानसभा : 665 उद्योगों से ‘खतरनाक’ प्रदूषण का खतरा, सरकार ने माना


छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंतवके सवाल पर वित्त एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सदन में स्वीकार किया गया कि राज्य में 665 औद्योगिक इकाइयाँ ऐसी हैं, जो खतरनाक अपशिष्ट (Hazardous Waste) फैला रही हैं।
प्रदूषण इकाइयों में वृद्धि
डॉ. महंत ने चिंता जताते हुए कहा कि फरवरी 2023 में यह संख्या 163 थी, जो अब बढ़कर 665 हो गई है। उन्होंने स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके गंभीर प्रभावों पर सवाल उठाए।
देखे सदन की कार्रवाई
निगरानी के लिए IOT तकनीक
मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि उद्योगों की चिमनियों की निगरानी के लिए ‘ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम’लगाया जा रहा है। 146 में से 124 उद्योगों में IOT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) सिस्टम स्थापित किया जा चुका है।
जुर्माने से खर्च
इन मशीनों का खर्च (4-5 लाख रुपये प्रति मशीन) उद्योगों पर लगाए गए जुर्माने और ‘फ्लाई एश’ से प्राप्त राशि से वहन किया जा रहा है।
बालको और कचरा प्रबंधन
कोरबा के बालको (BALCO) से निकलने वाले कचरे के लिए 50 एकड़ में पीपीपी मॉडलपर लैंडफिल साइट विकसित की गई है, जो अगले 30 वर्षों तक उपयोगी होगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि बाहरी राज्यों का कचरा यहाँ डंप नहीं करने दिया जाएगा।
स्वास्थ्य परीक्षण की मांग
डॉ. महंत ने रायगढ़, कोरबा और रायपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में ‘हेल्थ इम्पैक्ट असेसमेंट'(स्वास्थ्य प्रभाव आकलन) कराने की मांग की, जिस पर सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
सरकारी जवाब का सार
सरकार के अनुसार, उद्योगों को अपनी चिमनियों में मॉनिटरिंग सिस्टम स्वयं के खर्च पर लगाना अनिवार्य है। विभाग अब रिक्त पदों को भरकर और नए सेटअप के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बना रहा है।
राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है।







