MP में ‘गैस’ की किल्लत: होटल-रेस्टोरेंट पर लटकेगा ताला? जानिए 9 मार्च से क्यों मची है खलबली


MP : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। खासकर LPG संकट के कारण मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। 9 मार्च से राज्य सरकार द्वारा कमर्शियल गैस आपूर्ति पर रोक लगाए जाने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और अन्य खान-पान व्यवसायों पर संकट गहरा गया है।
स्थिति यह है कि प्रदेश में करीब 15 से 20 प्रतिशत संस्थान बंद हो चुके हैं, जबकि कई जगहों पर लंच और डिनर की सेवाएं सीमित कर दी गई हैं। कारोबारियों ने वैकल्पिक साधनों के सहारे 10 से 12 दिन तक काम चलाया, लेकिन यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
इस LPG संकट का असर सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि फूड इकोनॉमी और रोजगार पर भी पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक रोजाना 1.5 से 2 लाख लोगों के भोजन और नाश्ते पर असर पड़ सकता है। इंदौर के प्रसिद्ध फूड हब सराफा चौपाटी और छप्पन दुकान में भी इसका असर साफ दिखने लगा है, जहां कई गर्म खाने के काउंटर बंद या सीमित हो गए हैं। इसके साथ ही दूध, नमकीन और मिठाई के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
हालांकि, राहत की उम्मीद पीएनजी कनेक्शन से जताई जा रही है। छप्पन दुकान एसोसिएशन के अनुसार प्रशासन की मदद से तेजी से पीएनजी कनेक्शन दिए जा रहे हैं और अगले एक सप्ताह में सभी फूड काउंटर इससे जुड़ सकते हैं।
फिलहाल दुकानदार इंडक्शन और अन्य विकल्पों से काम चला रहे हैं, लेकिन अगर LPG संकट जल्द खत्म नहीं हुआ, तो कचौरी, समोसा, चाय, पोहा और जलेबी जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ भी प्रभावित हो सकते हैं।








