छत्तीसगढ़ में बिना निगम को बताए शादी पार्टी में बुलाए मेहमान तो अब भरना पड़ेगा जुर्माना


छत्तीसगढ़ में अब शादियों का ‘शगुन’ केवल लिफाफों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नगर निगम की पैनी नजर भी आपके फंक्शन पर होगी। जी हां, अगर आप 1 अप्रैल के बाद ‘बैंड, बाजा और बारात’ की तैयारी कर रहे हैं, तो जरा मेहमानों की लिस्ट दोबारा चेक कर लीजिए!
बिना बताए आए 100 मेहमान, तो जेब होगी ढीली!
छत्तीसगढ़ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी के तहत अब बड़े आयोजनों को लेकर नियम सख्त कर दिए गए हैं। अगर आप अपने घर या किसी निजी स्थान पर शादी, रिसेप्शन या बर्थडे पार्टी कर रहे हैं और मेहमानों का आंकड़ा 100 के पार जा रहा है, तो आपको ‘सरकारी रस्म’ निभानी होगी।


नया नियम क्या कहता है?
3 दिन पहले सूचना : आयोजन से कम से कम तीन दिन पहले स्थानीय नगर निगम या पालिका को लिखित में बताना होगा।
क्यों है यह नियम? मकसद है कचरा प्रबंधन। इतने लोगों के जमा होने पर निकलने वाले कचरे के निपटारे की जिम्मेदारी अब आयोजकों की होगी।
जुर्माने का ‘रिटर्न गिफ्ट’: अगर आपने बिना बताए पार्टी की और भीड़ 100 से ज्यादा निकली, तो निगम के अधिकारी बधाई देने नहीं, बल्कि जुर्माना वसूलने पहुंच सकते हैं।
सियासी घमासान: ‘तुगलकी फरमान’ बनाम ‘स्वच्छता’
इस नई पॉलिसी ने प्रदेश की सियासत में ‘मिर्ची’ तड़का लगा दिया है।
“यह निर्णय पूरी तरह अव्यवहारिक है। तीन दिन पहले सूचना देने की अनिवार्यता जनता को परेशान करने वाली है। यह सरकार का तुगलकी फरमान है जिसे तुरंत वापस लेना चाहिए।”
— कांग्रेस (छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी)
विपक्ष का कहना है कि खुशियों के मौके पर इस तरह की कागजी कार्रवाई जनता के लिए सिरदर्द साबित होगी। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस ‘कचरा पॉलिटिक्स’ के बीच नियमों में कुछ ढील देती है या 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में शादियों का ‘इनविटेशन कार्ड’ सबसे पहले निगम दफ्तर ही पहुंचेगा।








