सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: धर्म परिवर्तन करने वाले खो देंगे SC/ST दर्जा


सुप्रीम कोर्ट : ने SC/ST दर्जा धर्म परिवर्तन से जुड़े एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति जो धर्म परिवर्तन करता है, वह अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा खो देगा। अदालत ने कहा कि केवल हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म अपनाने वाले ही SC/ST का दर्जा और उससे मिलने वाले सभी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ईसाई या किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करने वाले दलित परिवार अब SC/ST अधिनियम के तहत कोई भी लाभ नहीं ले सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी में कहा गया कि यदि कोई हिंदू धर्म का व्यक्ति ईसाई धर्म में कन्वर्ट होता है, तो वह SC सदस्य नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि उन्हें आरक्षण, आर्थिक और सामाजिक कल्याण योजनाओं में कोई लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, SC/ST Act, 1989 के तहत संरक्षण का दावा भी नहीं कर सकते।
यह फैसला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के पिछले फैसले को बरकरार रखता है। हाई कोर्ट ने मई 2025 में यह स्पष्ट किया था कि जो हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में शामिल हो गए हैं, वे SC के सदस्य नहीं रहेंगे। इस फैसले के खिलाफ पादरी चिंथदा आनंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का निर्णय सही माना।
इस निर्णय का सीधा असर उन दलित परिवारों पर पड़ेगा, जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय SC/ST कानून के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सुनाया है और यह स्पष्ट किया है कि लाभ केवल उन लोगों को मिलेंगे जो निर्धारित धर्मों में बने रहेंगे।








