बस्तर का ‘अतरंगी’ विवाह: एक मंडप, एक दूल्हा और दो दुल्हनें!


बस्तर की माटी से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। जहां दुनिया ‘एक दिल, एक जान और एक हमसफर’ की बात करती है, वहीं छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक दूल्हे ने इस रीत को बदलते हुए एक साथ दो दुल्हनों के साथ सात फेरे ले लिए।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले का बैलगांव (फरसगांव ब्लॉक) इन दिनों सोशल मीडिया की सुर्खियों में है। वजह है 24 मार्च को संपन्न हुई एक ऐसी शादी, जिसने समाज के बने-बनाए ढर्रों को पीछे छोड़ दिया। यहाँ एक ही मंडप के नीचे, एक ही अग्नि को साक्षी मानकर एक दूल्हे ने दो दुल्हनों का हाथ थामा।


दिलचस्प रहा ‘वेडिंग कार्ड’ का सफर
इस शादी की चर्चा तो कार्ड छपने के साथ ही शुरू हो गई थी। जब लोगों के हाथों में न्योता पहुँचा, तो वे अपनी आँखें मलने लगे। कार्ड पर एक दूल्हे के साथ दो दुल्हनों के नाम बाकायदा छपे हुए थे। शुरुआत में इसे किसी ने मजाक समझा, तो किसी ने गलती, लेकिन 24 मार्च को जब बारात निकली, तो सच सबके सामने था।
सहमति और समाज की ‘मुहर’
अक्सर ऐसी शादियों में विवाद की आशंका रहती है, लेकिन यहाँ मामला बिल्कुल अलग था। तीनों के बीच आपसी तालमेल और पूरी रजामंदी थी,बस्तर के जनजातीय अंचलों में कई बार ‘रूढ़ीगत नियमों’ और विशेष परिस्थितियों के कारण सामाजिक विवादों को सुलझाने के लिए ऐसे कदम उठाए जाते हैं। यहाँ भी परिवार और समाज ने इस रिश्ते को खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।
डीजे की धुन पर जमकर थिरके तीनों
शादी की रस्में किसी भव्य समारोह से कम नहीं थीं। हल्दी से लेकर तेल-चढ़ावन तक, सब कुछ पारंपरिक विधि-विधान से हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दूल्हा अपने दोनों हमसफर और दोस्तों के साथ डीजे की धुन पर जमकर डांस करता नजर आ रहा है। ग्रामीणों के लिए यह उत्सव किसी कौतूहल से कम नहीं था।


सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जैसे ही इस शादी की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर आए, कमेंट्स की बाढ़ आ गई। “यह प्यार है या परंपरा?” – सोशल मीडिया पर लोग इस सवाल के साथ अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे बस्तर की जनजातीय संस्कृति और विशेष परिस्थितियों से जोड़कर देख रहा है, तो कोई इसे बदलते समाज का एक अनोखा और अजीबोगरीब चेहरा मान रहा है।
इस अनोखी शादी ने यह तो साबित कर दिया कि बस्तर के जंगलों और गांवों में आज भी ऐसी कई कहानियां छिपी हैं, जो शहरी दुनिया के तर्क-वितर्क से परे अपनी एक अलग पहचान रखती हैं।








