बिहार की राजनीति में बड़ा मोड़…नीतीश कुमार ने MLC पद से दिया इस्तीफा


पटना। बिहार की सियासत में सोमवार, 30 मार्च को बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य यानी एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
रविवार शाम से ही नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। जेडीयू के कई नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात करते नजर आए। सोमवार को जैसे ही इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि हुई, बिहार की सियासत में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
राज्यसभा चुनाव बना वजह
दरअसल, Nitish Kumar हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। नियमों के अनुसार, उन्हें 30 मार्च तक विधान परिषद की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था। इसी के चलते उन्होंने एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया।
20 साल का लंबा कार्यकाल खत्म
नीतीश कुमार पिछले करीब दो दशकों से बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। उनका कार्यकाल वर्ष 2030 तक चलना था, लेकिन राज्यसभा में जाने के कारण उन्होंने यह पद समय से पहले छोड़ दिया।
फिलहाल CM पद पर बने रहेंगे
हालांकि एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद भी नीतीश कुमार अभी मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। संवैधानिक प्रावधानों के तहत वे अगले छह महीनों तक इस पद पर रह सकते हैं।
नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज
इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वहीं, राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार को अनुभवी और मार्गदर्शक नेता बताते हुए कहा कि उनके जैसा नेतृत्व मिलना मुश्किल है।








