अमित शाह जी! झूठ बोलना बंद कीजिए…मंच, स्थान, तारीख और समय आप तय कर लें. मैं बहस के लिए तैयार हूँ – भूपेश बघेल


छत्तीसगढ़ के बस्तर से लेकर दिल्ली के संसद भवन तक, आज एक ही तारीख की गूंज है—31 मार्च 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित नक्सलवाद के सफाए की यह समयसीमा आज पूरी हो रही है। जहां एक ओर केंद्र सरकार इसे ‘नक्सल-मुक्त भारत’ की सिद्धि के रूप में देख रही है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर आरोपों और प्रत्यारोपों की नई जंग छिड़ गई है।
संसद में शाह के एक बयान ने छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल ला दिया है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर नक्सलियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सीधा हमला बोला— “भूपेश बघेल को पूछो, प्रूफ दूं क्या।”
इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे ‘सरासर झूठ’ करार दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि आज 31 मार्च है और अमित शाह जी के कथनानुसार आज छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का आखिरी दिन है।कल लोकसभा में उन्होंने यह झूठ बोला कि हमारी सरकार ने उसमें मदद नहीं की। मैं चुनौती देता हूँ अमित शाह जी को कि जिस मंच में, जिस जगह में, स्थान और समय वो तय कर लें, मैं बहस के लिए तैयार हूँ। लेकिन प्रदेश को, देश को गुमराह उनको नहीं करना चाहिए। वो झूठ पर झूठ बोलते जा रहे हैं।
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बघेल ने कहा कि नक्सलवाद के मामले में कांग्रेस का स्टैंड बहुत स्पष्ट रहा है और कांग्रेस की नीतियों के अनुरूप हमने काम किया है। राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक रूप से हमने वहां के आदिवासियों को संपन्न बनाया। वन अधिकार पट्टे दिए, स्कूल खोले, उनके इलाज की व्यवस्था की, पीडीएस शॉप खोले, राशन कार्ड हमने दिए; जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इससे महरूम रखा था, वंचित रखा था। और वो सब हमने काम किया है।
केवल नक्सल मोर्चे पर हमने दो तरीके की रणनीति अपनाई। पहली बात है कि विश्वास अर्जित करना, वहां के जो बस्तर के वासियों का विश्वास अर्जित करना। और दूसरा, जैसे-जैसे नक्सलवाद पीछे हटते गया हमने वहां विकास के कार्य किए। तो लोगों का विश्वास बढ़ा और मुख्यधारा में लोग लौटे। नक्सलवाद पीछे हटा, 600 गाँव हमने खाली कराए।
अब मैं शाह जी से पूछना चाहता हूँ, आपने घोषणा किया था कि जिस गाँव में नक्सल मुक्त होगा उस गाँव में ₹1 करोड़ हम देंगे। अब नक्सलवाद आज 31 मार्च है, समाप्त हो गया, तो बस्तर के प्रत्येक गाँव में ₹1 करोड़ कब देंगे? यह अमित शाह जी से मैं पूछना चाहता हूँ।
लगातार झूठ बोल रहे हैं और झूठ बोलके वहां जो हमारे जो DRG के जवान जो शहीद हुए, जो छत्तीसगढ़ सरकार ने नियुक्त किया था और उन्हीं के बदौलत, उन्हीं के ताकत, उनकी शहादत से ही आज नक्सलवाद आखिरी सांसें ले रहा है। ऐसे में अमित शाह जी जो 5 साल हमारे जो जवान जो शहीद हुए उनका वो अपमान कर रहे हैं। झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं।
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि आप आँकड़े निकाल के देख लीजिए कि कितने हमारे जवान शहीद हुए, कितने मोर्चों पर लड़ाई हमने लड़ी, कितने जगह हमने नए कैंप खोले, कितने पीडीएस शॉप खोले, कितने स्कूल खोले, कितने आंगनबाड़ी केंद्र खोले, कितनी सड़कें बनाई, वो रिकॉर्ड में दर्ज है। अमित शाह जी झूठ मत बोलिए। आपको शर्म आनी चाहिए, आपको छत्तीसगढ़ की जनता से माफ़ी माँगनी चाहिए। अन्यथा आप बहस के लिए तैयार हैं तो समय, स्थान तय करिए, मैं निश्चित रूप से वहां उपस्थित होऊँगा।”








