छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों के लिए अच्छी खबर, नहीं बढ़ेंगे पव्वा अध्धी खंबा के दाम, रोमियो,शोले ,शेरा के दाम रहेंगे जस के तस


छत्तीसगढ़ के मदिरा प्रेमियों के लिए एक राहत भरी खबर निकलकर सामने आ रही है। अगर आप सोच रहे थे कि नए वित्तीय वर्ष में आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है, तो फिलहाल ‘देसी’ के शौकीनों के लिए खबर अच्छी है।
देसी का दाम ‘फ्रीज’: न बढ़ेगा न घटेगा!
छत्तीसगढ़ शासन के आबकारी विभाग ने साफ कर दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक देसी शराब की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी जो भाव आज है, वही कल भी रहेगा। ‘हरिभूमि’ की खबर पर मुहर लगाते हुए सरकार ने मोलभाव (Negotiation) के बाद रेट फिक्स कर दिए हैं।
नई (पुरानी) दरें एक नजर में:
मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार, कीमतें कुछ इस प्रकार रहेंगी:
| मदिरा का प्रकार | क्वार्ट (Quart) | पिन्ट (Pint) | निप (Nip) |
| मसाला (25 UP) | ₹400 | ₹200 | ₹100 |
| प्लेन (50 UP) | ₹320 | ₹160 | ₹80 |
पुराने स्टॉक पर लगेंगे ‘नए स्टिकर’
नियमों का पालन सख्ती से हो, इसके लिए विभाग ने एक दिलचस्प निर्देश दिया है। 1 अप्रैल को दुकानों में जो पुराना स्टॉक बचा रहेगा, उसे सीधे नहीं बेचा जा सकेगा। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि बोतलों पर नवीन विक्रय दर के स्टिकर लगाए जाएं, ताकि ग्राहकों को दरों को लेकर कोई भ्रम न रहे।
खास निर्देश: मदिरा के हर लेबल पर फुटकर विक्रय दर अंकित करना अनिवार्य होगा। यह आदेश अवर सचिव केएल कश्यप द्वारा जारी किया जा चुका है।
विदेशी और अंग्रेजी शराब पर ‘सस्पेंस’ बरकरार
जहाँ देसी शराब की तस्वीर साफ हो चुकी है, वहीं विदेशी (Foreign) और अंग्रेजी शराब के शौकीनों की धड़कनें अभी भी बढ़ी हुई हैं।
- ग्लोबल टेंडर का खेल: करीब 90 ब्रांड्स के लिए देशी-विदेशी कंपनियों के साथ मोलभाव तो पूरा हो चुका है।
- मंत्री जी का फैसला: आबकारी विभाग ने अपनी फाइल सरकार (विभागीय मंत्री) को भेज दी है।
- नतीजा क्या होगा? अभी यह रहस्य बना हुआ है कि विदेशी ब्रांड्स के दाम बढ़ेंगे, घटेंगे या स्थिर रहेंगे। जैसे ही फाइल पर मुहर लगेगी, अंग्रेजी शराब की ‘किस्मत’ का फैसला भी हो जाएगा।
फिलहाल देसी का आनंद पुराने दाम पर ही मिलेगा, लेकिन अंग्रेजी के लिए थोड़ा इंतज़ार और करना होगा







