रायपुर नगर निगम में करदाताओं की भीड़… एक दिन में 8 करोड़ से अधिक की वसूली


रायपुर |वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रायपुर नगर निगम के सभी जोनों में संपत्तिकर जमा करने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के दसों जोनों के राजस्व विभाग कार्यालयों में महावीर जयंती के शासकीय अवकाश के बावजूद सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक करदाताओं का आना-जाना लगातार जारी रहा। लोगों ने सुविधाजनक व्यवस्था के बीच अपने बकाया कर का भुगतान किया।
12 घंटे में 8.17 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली
नगर निगम के राजस्व विभाग को एक ही दिन में 7912 करदाताओं से कुल 8 करोड़ 17 लाख 36 हजार 218 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस दौरान जोन 2 की टीम सबसे आगे रही, जिसने कुल वसूली में 3 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान दिया।
जोन 5 और जोन 4 ने भी दिखाया दम
आयुक्त विश्वदीप के मार्गदर्शन में जोन 5 ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जोन कमिश्नर खीरसागर नायक के नेतृत्व और सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव के निर्देशन में इस जोन ने लगभग पौने तीन करोड़ रुपये की वसूली कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
वहीं जोन 4 की टीम ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 2 करोड़ 6 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कराई, जिससे टीम में उत्साह का माहौल रहा।
कई जोनों ने पार किया एक करोड़ का आंकड़ा
जोन 2, जोन 4 और जोन 10 की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एक करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर निगम के राजस्व में बड़ा योगदान दिया। इन सभी टीमों ने जोन कमिश्नरों के नेतृत्व में लक्ष्य से आगे बढ़कर प्रदर्शन किया।
बकायेदारों पर सख्ती, दुकानों की सीलिंग और नल कनेक्शन काटे गए
राजस्व वसूली को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया। जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने बकाया कर जमा नहीं किया, उन्हें नियमानुसार सील किया गया। वहीं, आवासीय क्षेत्रों में कर नहीं चुकाने वाले लोगों के पानी के कनेक्शन भी काटे गए। यह कार्रवाई पूरे दिन सभी जोनों में लगातार जारी रही।
होलीक्रॉस स्कूलों ने चुकाया वर्षों पुराना बकाया
शहर के होलीक्रॉस स्कूल बैरनबाजार और होलीक्रॉस स्कूल शैलेन्द्र नगर ने वर्ष 2008 से 2026 तक का पूरा बकाया आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर दिया। भुगतान के बाद नगर निगम जोन 4 द्वारा इन दोनों संस्थानों पर लगी सील को नियमानुसार हटा दिया गया।
अंतिम दिन की सक्रियता ने बढ़ाया राजस्व
वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन नगर निगम और करदाताओं दोनों की सक्रियता का सकारात्मक परिणाम सामने आया। निगम की सख्ती और नागरिकों की भागीदारी ने मिलकर राजस्व वसूली को नई ऊंचाई दी।








