छत्तीसगढ़ के इस विवि में प्रश्नपत्र आया आउट ऑफ सिलेबस …पेपर होगा निरस्त !


दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (दुर्ग यूनिवर्सिटी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 28 मार्च को आयोजित बी.कॉम फाइनल ईयर की अंग्रेजी परीक्षा में पुरानी पद्धति का प्रश्नपत्र थमाए जाने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय परिसर छावनी में तब्दील हो गया, जहां सैकड़ों छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दो दशक पुराने सिलेबस से पूछ लिए सवाल
बी.कॉम अंतिम वर्ष के करीब सात हजार छात्र इस बड़ी लापरवाही का शिकार हुए हैं। छात्रों का आरोप है कि 28 मार्च की दोपहर की पाली में जो पेपर मिला, उसमें 50% से अधिक प्रश्न उस पाठ्यक्रम से थे जो लगभग 20 साल पहले प्रचलन में था। वर्तमान सत्र में पढ़ाए गए नए सिलेबस के ‘लेसन’ आधारित प्रश्न पूरी तरह नदारद थे। विषय विशेषज्ञों ने भी माना है कि यह पेपर सेटिंग कमेटी की एक अक्षम्य त्रुटि है।
7,000 छात्रों का भविष्य दांव पर
इस परीक्षा में दुर्ग संभाग के 7,000 और अकेले दुर्ग जिले के 4,000 छात्र शामिल हुए थे। परीक्षा केंद्रों पर ही छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया था, लेकिन विवि प्रशासन ने स्थिति को संभालने के बजाय गोलमोल जवाब देते हुए छात्रों को वही गलत पर्चा हल करने पर मजबूर किया।
सियासी एकता: छात्रों के लिए एक हुए ABVP और NSUI
विश्वविद्यालय की इस लापरवाही ने एक दुर्लभ दृश्य भी दिखाया। धुर विरोधी माने जाने वाले छात्र संगठन ABVP और NSUI इस मुद्दे पर एकजुट नजर आए। दोनों ही संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विवि पहुंचकर कुलपति कार्यालय का घेराव किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
“हमने साल भर मेहनत से पढ़ाई की, लेकिन पेपर में पांचों यूनिट से एक भी सवाल सिलेबस का नहीं था। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है। विवि को या तो दोबारा परीक्षा लेनी चाहिए या हमें बोनस अंक देने चाहिए।”
— दीप्ति पाण्डे, छात्रा (बी.कॉम फाइनल)
जांच कमेटी गठित, कल आ सकता है फैसला
मामले के तूल पकड़ते ही कुलपति ने आनन-फानन में बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाई है। एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है जो प्रश्नपत्र और वर्तमान पाठ्यक्रम का मिलान कर रही है। सूत्रों की मानें तो अंग्रेजी की यह परीक्षा निरस्त कर दोबारा आयोजित की जा सकती है। विवि इस पर अपना अंतिम निर्णय बुधवार तक सार्वजनिक कर सकता है।








