छत्तीसगढ़ कोयला खदान में भीषण ब्लास्ट: 10 मजदूर मलबे में दबे, 2 की हालत गंभीर – मंत्री बोले, इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?


कोयला खदान में बड़ा हादसा: धमाके में 10 मजदूर घायल, 2 गंभीर
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया। चिरमिरी ओपन कास्ट कोयला खदान में अचानक हुए विस्फोट (ब्लास्ट) के कारण कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
जानकारी के मुताबिक, 10 मजदूर मलबे में दब गए थे, जिन्हें निकालकर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इनमें से 2 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बारूद भरने के दौरान हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब खदान में बारूद भरने का काम चल रहा था। अचानक बारूद में विस्फोट हो गया, जिससे काम कर रहे मजदूर मिट्टी और पत्थरों के नीचे दब गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि बारूद से भरा वाहन और एक दूसरी गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
6 SECL कर्मचारी और 4 ठेका मजदूर घायल
घायलों में कुल 10 मजदूर शामिल हैं, जिनमें 6 कर्मचारी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के हैं, जबकि 4 ठेका मजदूर बताए जा रहे हैं। सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
मौके पर पहुंचे मंत्री और अधिकारी
हादसे की खबर मिलते ही SECL के मुख्य महाप्रबंधक अशोक कुमार, चिरमिरी नगर निगम के महापौर रामनरेश राय और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अस्पताल पहुंचे।
मंत्री ने घायलों से मुलाकात कर कहा,
“सरकार घायलों का पूरा इलाज करवाएगी, लेकिन साथ ही यह जांच भी होगी कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।”
लापरवाही से हुआ हादसा?
सूत्रों के अनुसार, ब्लास्टिंग की तैयारी चल रही थी, लेकिन उससे पहले ही बारूद में विस्फोट हो गया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि जमीन का अधिक तापमान विस्फोट की वजह हो सकता है।
वहीं, श्रमिक संगठनों ने SECL प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है,
“अगर सुरक्षा के नियमों का पालन किया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता। यह हादसा नहीं बल्कि प्रबंधन की लापरवाही है।”








