कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की लिस्ट जारी होने के बाद पार्टी के अंदर मचा गदर, चल पड़ा इस्तीफों का दौर

कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नई लिस्ट के बाद महासमुंद कांग्रेस में जबरदस्त हलचल मच गई है, जहां असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष जफर उल्ला खान ने नाराज होकर इस्तीफा दे दिया। खान ने आरोप लगाया कि संगठन सृजन अभियान के दौरान राय लेने के बाद भी कार्यकर्ताओं की भावनाओं के विपरीत निर्णय हुआ और हजारों कार्यकर्ताओं के साथ “सीधा धोखा” किया गया।
नई लिस्ट से मचा सियासी घमासान
– शुक्रवार देर रात जारी लिस्ट में कांग्रेस ने महासमुंद जिले का नया जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव को बना दिया, जिसके बाद विरोध की चिंगारी खुलकर सामने आ गई।
– खान का कहना है कि पार्टी की नीति-रीति की अनदेखी करते हुए लिए गए फैसलों ने जमीनी कार्यकर्ताओं का भरोसा हिला दिया है और इसी विरोध स्वरूप उन्होंने अपना त्यागपत्र भेजा।
जफर उल्ला खान का तीखा इस्तीफा
– जफर उल्ला खान ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह कांग्रेस की विचारधारा से आज भी प्रभावित हैं, लेकिन हाल के फैसले पार्टी की घोषित लाइन से मेल नहीं खाते और कार्यकर्ताओं की राय को दरकिनार कर दिए गए।
– उनका आरोप है कि संगठन सृजन अभियान में पूरे जिले से राय-मशवरा किया गया, कार्यकर्ताओं में जोश था, लेकिन परिणाम उनकी अपेक्षा और भावनाओं के उलट आया, जिससे पार्टी के अंदर गहरा असंतोष है।
पद छोड़ा, सदस्यता बरकरार
– खान ने स्पष्ट किया कि वे केवल महासमुंद जिला कांग्रेस असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं, कांग्रेस की सामान्य सदस्यता और अपने दायित्व को आगे भी निभाते रहेंगे।
– उन्होंने संगठन से अपना इस्तीफा स्वीकार करने की मांग करते हुए संकेत दिया कि वह भीतर ही भीतर चल रही नाराजगी और उपेक्षा से व्यथित हैं, लेकिन पार्टी से अलग होने का फिलहाल इरादा नहीं रखते।
महासमुंद से निकली नाराजगी, कांग्रेस के लिए संकेत
– नई लिस्ट के बाद उभरा यह पहला खुला विरोध कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़ा कर रहा है और यह संकेत दे रहा है कि जिला स्तर पर असंतोष का दायरा और बढ़ सकता है।
– राजनीतिक जानकार इसे आने वाले समय में संगठनात्मक चुनौतियों की शुरुआत मान रहे हैं, क्योंकि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर पहले से ही कई जिलों में नाराजगी और खींचतान की चर्चा जोरों पर है।





